टीआरपी। Chhattisgarh Steel Land warns of shutting down the pump house :
धरसींवा विकासखंड के ग्राम मुरेठी में विकास कार्य नहीं करने को लेकर आक्रोश पनप रहा है। विकास कार्य करने की जिम्मेदारी निजी फैक्ट्रियों की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जो फैक्ट्री प्रबंधन विकास कार्य नहीं करेंगे, उन फैक्ट्रियों के लिए पानी सप्लाई किए जाने वाले पम्प हाऊस को बंद कर दिया जाएगा। गांव के सरपंच का कहना है कि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन न तो ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिल रहा और न ही अन्य विकास कार्य करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह 17 दिसंबर को मुरेठी ग्राम पंचायत भवन में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें मिवान स्टील, निको, सारडा एनर्जी, छत्तीसगढ़ इस्पात भूमि लिमिटेड के प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। बैठक में गांव के विकास के मुद्दों पर चर्चा की गई। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी उद्योग द्वारा कार्य नहीं किया जाता तो पम्प हाऊस को बंद कर दिया जाएगा। उद्योग प्रबंधन से आए प्रतिनिधियों ने विकास कार्य करने के लिए सहमति जताई।
निम्न मुद्दों पर चर्चा एवं सहमति
- सभी उद्योग मिलकर नाला के सभी पचरीस्थल के पास वायर मेस लगाएंगे।
- सारडा एनर्जी द्वारा महिला भवन का निर्माण किया जाएगा। इसकी क्षमता 100 लोगों की होगी।
- मिवान स्टील द्वारा कैलाश भवन के पास, बाऊंडीवाल, किचन, शेड एवं शौचालय का निर्माण किया जाएगा।
- मिवान स्टील द्वारा हाईमास्क लाइट 20 मी. वाला लगाया जाएगा।
- सार्वजनिक शौचालय की साफ सफाई हेतु कर्मचारी की नियुक्ति की जाएगी। इसका मानदेय मिवान, निको एवं सारडा द्वारा किया जाएगा।
- मुक्तिधाम का सौदर्यीकरण निको द्वारा किया जाएगा।
- निको में 9 वर्ष से कार्यरत कर्मचारियों को परमानेंट किया जाएगा।
- सारडा एनर्जी द्वारा फरवरी 2026 तक तीन लोगों को कार्य पर लिया जाएगा।
- सभी उद्योग द्वारा सोलर पैनल, पेयजल के लिए 4 नग बोरवेल्स की व्यवस्था की जाएगी।
- नदी किनारे हैंडपम्प की मरम्मत कर सिंटेक्स आदि कार्य कराया जाएगा।
छत्तीसगढ़ इस्पात भूमि ने लिखा पत्र
ग्राम मुरेठी के सरपंच द्वारा छत्तीसगढ़ इस्पात भूमि का पम्प हाऊस बंद करने की चेतावनी पर फैक्ट्री प्रबंधन ने जवाब में लिखा है कि छत्तीसगढ़ इस्पात भूमि को धनेली नाला में स्नान करने हेतु तार का घेरा बनाकर जलकुंभी को रोकने हेतु जिम्मेदारी दी गई थी। जिसे मानकर उस पर जल्द कार्य शुरू किया जाएगा।
पम्प हाऊस बंद होने से प्रभावित होगा उत्पादन, रोजगार
छत्तीसगढ़ इस्पात भूमि लिमिटेड के कार्यकारी संचालक महेश कक्कड़ ने पत्र में लिखा है कि ग्राम पंचायत ने मुरेठी पम्प हाऊस बंद करने की बात की हैं। छत्तीसगढ़ इस्पात भूमि लिमिटेड़ द्वारा सिलतरा में 125 उद्योगों को पानी की आपूर्ति की जाती है। पम्प हाऊस बन्द होने की स्थिति में सिलतरा के उद्योग में उत्पादन व रोजगार प्रभावित होगा। इसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी।
फैक्ट्री प्रबंधन ने पत्र की प्रतिलिपी मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, उद्योग मंत्री, मुख्य सचिव, गृह सचिव, उद्योग सचिव, सीएसआईडीसी अध्यक्ष, प्रबंध संचालक, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी को प्रेषित की है। साथ ही ग्राम पंचायत और प्रशासन से निवेदन किया है कि पम्प हाऊस बंद नहीं किया जाए।
थाने में रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ इस्पात भूमि लिमिटेड के कार्यकारी संचालक महेश कक्कड़ का कहना है कि गांव के सरपंच पम्प हाऊस बंद करने की मनमानी कैसे कर सकते हैं। हमने फैक्ट्री की ओर से थाने में रिपोर्ट लिखवाई है।
ग्राम मुरेठी के सरपंच प्रतिनिधि उमेश निषाद का कहना है कि छत्तीसगढ़ इस्पात भूमि लिमिटेड द्वारा न तो विकास कार्य किया जा रहा है और न ही ग्रामीणों को रोजगार दिया जा रहा है। 17 दिसंबर को बैठक में की गई चर्चा और उद्योग प्रबंधनों की सहमति के अनुरूप ही विकास न करने पर पम्प हाऊस बंद करने का निर्णय लिया गया है।



