रायपुर। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थियों का अनशन जारी है। तूता के धरनास्थल पर लगभग डेढ़ सौ अभ्यर्थी अनशन कर रहे हैं, और इनमें से दर्जनभर अभ्यर्थियों की तबियत बिगड़ गई है।

ड्रिप चढ़ा कर वापस अनशन पर बैठे


कड़ाके की ठंड के बीच माना-तूता धरना स्थल पर प्रदेश भर से डेढ़ सौ से अधिक डीएड अभ्यर्थी अनशन पर बैठे हैं। इनमें से कई अभ्यर्थियों की तबियत खराब हो गई है। इन्हें एंबुलेंस बुलाकर इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, और ये सभी ड्रिप चढ़ाकर वापस अनशन पर बैठ गए हैं।
अनशन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि डीएड-डिप्लोमा अभ्यर्थियों ने सरकार से सहायक शिक्षकों की भर्ती शीघ्र शुरू करने की मांग की थी। हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। बावजूद इसके प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं होने पर तूता धरना स्थल पर अनशन पर बैठे  हैं। आलम यह है कि अनशनरत अभ्यर्थियों का बीपी बढ़ा हुआ है। उनकी तबियत बिगड़ती जा रही है। मगर ये सभी मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने की जिद पर अड़े हुए हैं।

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इस बीच शुक्रवार की रात कुछ अभ्यर्थियों की सीएम विष्णु देव साय से मुलाकात भी हुई थी, लेकिन सीएम से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।

अभ्यर्थियों ने यह भी बताया कि सहायक शिक्षक भर्ती के पांचवें चरण की काउंसलिंग में 2600 पदों पर प्रक्रिया हुई थी, जिसमें केवल 1299 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली। शेष 1316 पद रिक्त रह गए। कुल 2300 पद अभी भी रिक्त हैं। हाईकोर्ट ने दो माह के भीतर रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश दिया है। बावजूद इसके सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने मांगों को न्यायोचित बताते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया था । मगर दो महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अनशन पर बैठने का निर्णय लिया गया। जब तक मांग पूरी नहीं होती, अनशन जारी रखने की बात आंदोलनकारियों ने कही है।