टीआरपी। the tribal freedom fighter museum : नवा रायपुर के आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में अंग्रेजी हुकुमत के दौरान जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनाया गया शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। संग्रहालय को देखने देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में आ रहे हैं। वहीं संग्रहालय विद्यार्थियों-शोधार्थियों सहित आम लोगों के लिए प्रेरणा और ज्ञान का केन्द्र बन रहा है। राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। इसके बाद लगभग दो महीनों के अंतराल में ही 72 हजार से अधिक पर्यटकों ने संग्रहालय का अवलोकन किया है।

जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान की जानकारी


आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि काफी संख्या में लोग संग्रहालय देखने आ रहे हैं, इससे संग्रहालय बनाने का उद्देश्य सार्थक हो रहा है। विशेषकर छुट्टियों और त्यौहारों के दिनों में लोग बड़ी संख्या में संग्रहालय आते हैं, विभाग द्वारा भी आगंतुकों के हिसाब से सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। दर्शकों को जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान संबंधी जानकारी के लिए गाइड की भी व्यवस्था की गई है। संग्रहालय पूरी तरह से डिजिटली है। संग्रहालय के अंदर मॉनीटर पर दिये गए क्यू आर कोड स्कैन कर तथा माइक्रोफोन के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त करने की व्यवस्था भी की गई हैै। इसके साथ ही दिव्यांगों, महिलाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्हीलचेयर व शिशुवती महिलाओं के लिए शिशु देख-रेख कक्ष बनायी गई है। इस संग्रहालय के शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने लगा है।

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संग्रहालाध्यक्ष डॉ. अनिल वीरूलकर ने बताया कि संग्रहालय देखने आने वाले दर्शकों में काफी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। संग्रहालय में प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशोें से भी पर्यटक आ रहे हैं। हाल ही में नीदरलैंड के पर्यटकों का दल जनजातीय संग्रहालय देखने आये थे। उन लोगों ने भी इस डिजिटल संग्रहालय की काफी प्रशंसा की। पिछले माह नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित डीजीपी कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने भी संग्रहालय का भ्रमण कर काफी सराहना की है। इसके साथ ही सेना के अधिकारी, प्रशासनिक प्रशिक्षु अधिकारी स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में आ रहे हैं।

’संग्रहालय पूरी तरह सीसीटीवी से लैस’


संग्रहालय परिसर में पर्यटकों व आगंतुकों के हिसाब से शुद्ध पेयजल, पार्किंग, शौचालय तथा सूचना केंद्र की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। संग्रहालय पूरी तरह सीसीटीवी से लैस है। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।

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’संग्रहालय परिसर में कोयतूर बाजार’

 संग्रहालय परिसर में कोयतूर बाजार भी लगा हुआ है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के जनजातीय महिलाएं स्व-सहायता के समूह के माध्यम से अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय कर रहे हैं। यहां हस्तशिल्प निर्मित कपड़े व जनजातीया आभूषणों का प्रदर्शन व विक्रय भी किया जा रहा है। जो दर्शकों लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ हैं।