रायपुर। केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम के बीच बन रही सड़क में मुआवजे के नाम पर हुए करोड़ों के घोटाले में ACB/EOW के बाद अब ED ने कार्रवाई शुरू की है। इस मामले को लेकर ED की अलग-अलग टीमों ने रायपुर और महासमुंद सहित 9 ठिकानों में छापेमारी शुरू की है।

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक इस घोटाले के प्रमुख आरोपी जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा के रायपुर स्थित ला विस्टा सोसायटी स्थित मकान पर जांच चल रही है। यह छापेमारी विशाखापत्तनम कारीडोर में भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले को लेकर की गई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तक सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर छापेमारी की। यह मामला भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजा भुगतान में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है।

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सूत्रों ने बताया कि हरमीत सिंह खनूजा, उनके कथित सहयोगियों, कुछ सरकारी अधिकारियों और जमीन मालिकों से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की जा रही है। खनूजा और उसके सहयोगियों ने मिलकर जमीनों का बड़ा मुआवजा तैयार किया और करोड़ों रूपये हड़प लिए। इस घोटाले में तत्कालीन राजस्व अमले की भी मिलीभगत रही है।