टीआरपी डेस्क। साल 2025 देश और दुनिया के लिए हादसों के लिहाज से बेहद दर्दनाक रहा। इस वर्ष एक के बाद एक ऐसे हादसे सामने आए, जिन्होंने सैकड़ों परिवारों को उजाड़ दिया और प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा मानकों व निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। विमान दुर्घटनाओं से लेकर पुल गिरने, फैक्ट्री विस्फोट, बसों में आग और सड़क हादसों तक, 2025 को एक त्रासदी भरे साल के रूप में याद किया जाएगा।
जून 2025 में गुजरात के अहमदाबाद में देश का सबसे बड़ा विमान हादसा हुआ। 12 जून 2025 को एयर इंडिया का अंतरराष्ट्रीय विमान उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान रिहायशी इलाके के पास गिरा, जिससे विमान में सवार यात्रियों के साथ जमीन पर मौजूद लोग भी चपेट में आ गए। इस हादसे में करीब 240 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए। कई मकान, वाहन और एक अस्पताल परिसर को भी भारी नुकसान पहुंचा। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस हादसे में हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति और विमान का पूरा ढांचा नष्ट हो गया। केंद्र सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए और विमानन सुरक्षा की समीक्षा शुरू की गई।
9 जुलाई 2025 को गुजरात के वडोदरा जिले में गम्भीरा पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के समय पुल पर कार, बाइक और अन्य वाहन मौजूद थे, जो सीधे नदी में गिर गए। इस दुर्घटना में 22 लोगों की मौत हुई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। पुल के टूटने से इलाके का सड़क संपर्क बाधित हो गया और आसपास के गांवों में आवागमन ठप हो गया। सरकारी आकलन के अनुसार पुल के गिरने से करोड़ों रुपये का बुनियादी ढांचा नुकसान हुआ। इस हादसे के बाद राज्यभर में पुलों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए गए।
30 जून 2025 को तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ। विस्फोट के बाद फैक्ट्री की इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया। इस हादसे में 46 मजदूरों की मौत हुई और 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। आग और विस्फोट से फैक्ट्री में रखे रसायन, मशीनें और कच्चा माल पूरी तरह नष्ट हो गया। नुकसान का अनुमान सैकड़ों करोड़ रुपये में लगाया गया। हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा नियमों की अनदेखी को उजागर किया।
14 अक्टूबर 2025 को राजस्थान के जैसलमेर जिले में जयपुर से आ रही एक यात्री बस में अचानक आग लग गई। बस में अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। इस हादसे में 26 यात्रियों की मौत हो गई और कई लोग झुलस गए। बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। यात्रियों का सामान और निजी संपत्ति भी नष्ट हो गई। इस घटना के बाद परिवहन विभाग ने बसों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच के आदेश दिए।
2025 में सड़क हादसों ने भी भारी तबाही मचाई। पूरे साल देशभर में हजारों सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। अकेले राजस्थान में हजारों लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में जानें गईं। इन हादसों में सैकड़ों वाहन क्षतिग्रस्त हुए और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। तेज रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाना और खराब सड़कों को हादसों का मुख्य कारण माना गया।
अगस्त 2025 में दिल्ली के एक रिहायशी इलाके में निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिर गई। इस हादसे में 6 मजदूरों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। आसपास खड़ी गाड़ियां और मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। प्रशासन ने निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया।
दिसंबर 2025 में अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में एक ट्रक खाई में गिर गया। ट्रक में सवार 18 लोगों की मौत हो गई। दुर्गम इलाके के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी समय लगा। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सड़क मार्ग कई घंटों तक बंद रहा।


