टीआरपी डेस्क। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के साथ-साथ पूजाघर मे रखा चंदन का भी विशेष महत्व होता है। तिलक, अभिषेक और हवन जैसे धार्मिक कार्यों में चंदन का उपयोग शुभ और पवित्र माना गया है। ऐसा माना जाता है कि असली चंदन मन शांति देता है और नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करता है। आजकल मार्केट में नकली चंदन और केमिकल से बने चंदन के पेस्ट ज्यादा बिक रहे है, जो कई बार दिखने में एक जैसे लगते है। ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल खड़ा होता है कि पूजाघर में रखा चंदन असली है या नहीं।
लेकिन चंदन की खुशबू, असर और शुद्धता में बड़ा फर्क होता है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि पूजाघर में रखा चंदन असली या नकली, तो कुछ आसान घरेलू टिप्स के मदद से इसकी पहचान की जा सकती है।
इन तरीकों से करें असली चंदन की पहचान
खुशबू से पहचानें
असली चंदन की पहचान उसकी लंबे समय तक टिकने वाली खुशबू से होती है। जो हल्की, ठंडी और प्राकृतिक होती है। तेज या केमिकल जैसी नहीं। वहीं नकली चंदन की खुशबू तेज और कृत्रिम होती है, जो कुछ समय बाद खत्म हो जाती है। उसमें केमिकल की गंध आती हैं
पानी में घिसकर देखें
अगर आपके पास असली चंदन है। तो उसे पत्थर पर पानी के साथ घिसें। असली चंदन घिसने पर दूधिया सफेद या हल्का पीला रंग देता है और इसका टुकड़ा पानी में डालने पर डूब जाता है। जबकि नकली चंदन का रंग या तो बहुत गाढ़ा होगा या बिल्कुल अलग दिखाई देगा। इसका टुकड़ा अगर पानी में डालेगें तो यह डूब जाएगा।
त्वचा पर लगाकर करें टेस्ट
असली चंदन को त्वचा पर एप्लाई से आपको ठंडक और सुकून महसूस होता है। जलन नहीं करता। नकली चंदन लगाने पर जलन, खुजली या लालपन हो सकता है।
कीमत और स्रोत पर ध्यान दें
असली चंदन महंगा होता है और आसानी से बहुत सस्ते में नहीं मिलता है। अगर कोई चंदन बहुत कम कीमत में मिल रहा है, तो उसके नकली होने की संभावना ज्यादा होती है।



