सुकमा। बस्तर में नक्सलियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचाने का मामला फिर चर्चा में है। सुकमा कोतवाली में दर्ज केस की जांच एनआईए को सौंपी गई थी। मामला टेरर फंडिंग से जुड़ा होने के कारण एनआईए ने जांच की। अब एनआईए ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है।
एनआईए की इस चार्जशीट में पांच नए आरोपियों के नाम जोड़े गए हैं। आरोपी मनीष सोढ़ी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों में केसा और मनीला शामिल हैं। जांच में टिफिन बम और डेटोनेटर बरामद हुए थे। विस्फोटक सामग्री नक्सलियों तक पहुंचाई जा रही थी। सप्लाई जगरगुंडा क्षेत्र में सक्रिय पीएलजीए को हो रही थी। यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। एनआईए अब पूरे सप्लाई चैन की कड़ी जोड़ रही है। मामले में और भी खुलासों की संभावना है।
नक्सलियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचने के मामलों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इन जांच और ऑपरेशनों से पता चला है कि नक्सली कई तरीकों से हथियार और विस्फोटक प्राप्त करते हैं, जिनमें मुख्य रूप से सुरक्षा बलों से लूटना, स्थानीय स्तर पर निर्माण करना और अवैध तस्करी शामिल है।
बड़ी मात्रा में जब्त हो रहे हैं हथियार
NIA ने छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन को विस्फोटक सामग्री की खरीद और आपूर्ति से संबंधित एक मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। दूसरी ओर सुरक्षा बल (CRPF, NIA और राज्य पुलिस) नियमित रूप से तलाशी अभियान चलाकर नक्सलियों के हथियारों के डंप (छिपाने के स्थान) और कारखानों को नष्ट कर रहे हैं। इन ऑपरेशनों के दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की जा रही है। इन मामलों की चल रही जांच और सुरक्षा अभियानों का उद्देश्य नक्सलियों की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह से तोड़ना है।


