टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के धान खरीदी केंद्र कोनपारा में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान करोड़ों रुपये की बड़ी अनियमितता सामने आई है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) जशपुर के नोडल अधिकारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस प्रकरण में खरीदी केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी समेत कुल छह अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने धान खरीदी उपकेंद्र के फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव (39), निवासी ग्राम झारमुंडा, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
अपेक्स बैंक के नोडल अधिकारी रामकुमार यादव (61) की रिपोर्ट के अनुसार, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोनपारा के धान खरीदी उपकेंद्र में वर्ष 2024-25 के दौरान रिकॉर्ड में 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी, जबकि मिलों और संग्रहण केंद्रों को केवल 1,40,663.12 क्विंटल धान ही भेजा गया। इस तरह 20,586.88 क्विंटल धान की कमी पाई गई।
संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में मौके पर धान मौजूद नहीं मिला और दस्तावेजों के अनुसार भारी कमी की पुष्टि हुई। जांच में प्रति क्विंटल 3100 रुपये की दर से धान की कीमत 6 करोड़ 38 लाख 19 हजार 328 रुपये आंकी गई। इसके अलावा धान पैकिंग में इस्तेमाल किए गए 4,898 नग बारदाने (नए और पुराने) की कीमत 17 लाख 07 हजार 651 रुपये बताई गई। इस तरह शासन को कुल 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपये की आर्थिक क्षति होना पाया गया।
पुलिस ने इस मामले में भुनेश्वर यादव (प्राधिकृत अधिकारी), जयप्रकाश साहू (समिति प्रबंधक), शिशुपाल यादव (फड़ प्रभारी), जितेंद्र साय (कंप्यूटर ऑपरेटर), अविनाश अवस्थी (सहायक फड़ प्रभारी) और चंद्र कुमार यादव (उप सहायक फड़ प्रभारी) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 320, 336, 338 और 61 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
एसएसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि अपेक्स बैंक जशपुर के नोडल अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की जांच लगातार की जा रही है।



