टीआरपी डेस्क। जमीन के बदले नौकरी घोटाले में आरजेडी प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय हो चुके हैं। जिसके बाद उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं में भी मुकदमा चलेगा।

राऊज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत के न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू यादव के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामला सिर्फ अलग-अलग लेनदेन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संगठित आपराधिक गतिविधि का संकेत देता है। अदालत की टिप्पणी में कहा गया कि लालू यादव और उनके परिजनों ने एक आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया और पूरे मामले में सुनियोजित साजिश रची गई।

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कोर्ट के अनुसार, सभी आरोपितों की भूमिकाएं आपस में जुड़ी हुई थीं और साझा उद्देश्य के तहत अपराध को अंजाम दिया गया।