रायपुर। घर पर लगे विद्युत स्मार्ट मीटर में शंका होने पर उपभोक्ता चेक मीटर लगवा सकते हैं। पॉवर कंपनी के शिकायत निवारण फोरम ने स्मार्ट मीटर की टेस्ट रिपोर्ट देने में आनाकानी पर विद्युत अभियंताओं को फटकार भी लगाई। फोरम की दखल के बाद पूर्व प्राध्यापक घनाराम साहू को मीटर टेस्टिंग की रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई।
क्या है मामला..?
डीडी नगर के कंचनगंगा फेस-2 रहवासी शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्राध्यापक साहू ने अपने निवास पर लगाए गए स्मार्ट मीटर से जुड़ी तकनीकी जानकारी का कोई प्रमाण पत्र या रिपोर्ट नहीं देने पर आपत्ति की थी। उन्होंने 11 नवंबर को बकायदा इसकी लिखित शिकायत भी की थी।
स्मार्ट मीटर के लगने के बाद कई जगहों पर बिजली बिल अधिक आने की शिकायत आई है। साहू ने पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी को लिखित शिकायत में नियमों का हवाला देते हुए कहा था कि यह मीटर इलेक्ट्रानिक उपकरण है, जिसका निर्माण आपूर्ति करते समय कोई रिपोर्ट या तकनीकी जानकारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया होगा। उपभोक्ताओं को उपकरण लगाते समय संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इस पूरे मामले में साहू ने पॉवर कंपनी के शिकायत फोरम में सुनवाई हुई। इसके बाद फोरम ने साहू के तर्क को सही माना, और उसकी दखल के बाद मीटर टेस्टिंग की रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई। साथ ही साथ यह भी आश्वासन दिया गया कि मीटर को लेकर कोई आशंका हो तो संबंधित कार्यालय में शिकायत की जा सकती है। कार्यालय द्वारा नियमानुसार चेक मीटर लगाकर तीन महीने के ऑब्जर्वेशन उपरांत समाधान किया जाएगा।




