टीआरपी डेस्क। देश की सबसे अमीर नगर निगम बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव नतीजे घोषित हो गए हैं। नतीजों में भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना गठबंधन ने मुंबई की सियासत में बड़ा बदलाव कर दिया है। करीब ढाई दशक से ठाकरे परिवार के प्रभाव वाले बीएमसी में इस बार सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। वहीं, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन यानी बीएमसी भारत ही नहीं, एशिया का भी सबसे अमीर नगर निगम माना जाता है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इसका बजट करीब 74,427 करोड़ रुपये है, जो कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है। यह बजट कई राज्यों जैसे गोवा, सिक्किम और त्रिपुरा के कुल वार्षिक बजट से भी अधिक है।
दूसरी ओर, म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली यानी एमसीडी का बजट 2026-27 के लिए लगभग 16,530 करोड़ रुपये रखा गया है। दिल्ली में निगमों के एकीकरण के बाद भी इसकी आर्थिक ताकत बीएमसी के मुकाबले काफी कम मानी जाती है।
बीएमसी की आय के प्रमुख स्रोत
बीएमसी की आमदनी के कई मजबूत स्रोत हैं। इनमें मुख्य रूप से प्रॉपर्टी टैक्स, विभिन्न प्रकार की फीस, डेवलपमेंट चार्ज, निवेश से होने वाली कमाई और बड़ा फिक्स्ड डिपॉजिट बेस शामिल हैं। इन स्रोतों की वजह से बीएमसी का राजस्व देश की अन्य नगरपालिकाओं से कहीं अधिक है।
बजट का उपयोग कहां होता है
बीएमसी इस रकम का इस्तेमाल मुंबई की बुनियादी जरूरतों पर करती है। इसमें सड़कें और पुलों का निर्माण, सीवेज लाइन, पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूल-कॉलेज, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन शामिल हैं। वर्ष 2024 में बीएमसी ने अपने कुल राजस्व का लगभग 47 प्रतिशत हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया था।
बड़ा बजट, बड़ा सवाल
बीएमसी का इतना विशाल बजट इसे देश के अन्य नगर निगमों से अलग बनाता है। यही कारण है कि बीएमसी चुनाव पूरे देश में चर्चा का विषय बन जाता है। लोग सवाल उठाते हैं कि इतने बड़े बजट का उपयोग कितना प्रभावी और पारदर्शी तरीके से हो रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि बीएमसी का बजट कई राज्यों के कुल बजट से भी अधिक है, जिससे शहरी विकास में पारदर्शिता और जवाबदेही पर और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
भारत के 10 सबसे अमीर नगर निगम
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मुंबई- 74,427 करोड़ रुपये (2025-26)
बृहत बेंगलुरु महानगरपालिका (BBMP)- 19,930 करोड़ रुपये (2025-26)
दिल्ली नगर निगम (MCD)- 16,530 करोड़ रुपये (2026-27)
अहमदाबाद नगर निगम (AMC)- 15,502 करोड़ रुपये (2025-26)
ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC)- 11,460 करोड़ रुपये (2026-27)
पुणे नगर निगम (PMC)- 12,618 करोड़ रुपये (2025-26)
सूरत नगर निगम (SMC)- 10,000 करोड़ रुपये से अधिक (2025-26)
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन- 8,404.7 करोड़ रुपये (2025-26)
कोलकाता नगर निगम (KMC)- 5,166.5 करोड़ रुपये (2024-25)
ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (GVMC)- 4,762 करोड़ रुपये (2025-26)



