टीआरपी। divyang samuhik vivah : राजधानी रायपुर में 16वां निःशुल्क दिव्यांगजनों के विवाह का आयोजन की तैयारियां जोरशोर से की जा रही है। अगले महीने फरवरी में होने वाले आयोजन की खास विशेषता यह है कि इसमें अलग-अलग धर्म, जाति के दिव्यांग जोड़ों का विवाह रचाया जाएगा। रविवार को हुई बैठक में सामूहिक विवाह के आयोजन की तैयारियों पर चर्चा करते हुए विविध समितियां गठित कर जिम्मेदारी सौंपी गई।
अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद, कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल, मारवाड़ी युवा मंच रायपुर सेंट्रल और सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम के संयुक्त नेतृत्व में होने वाले आयोजन के लिए आशीर्वाद भवन बैरनबाजार में बैठक हुई। दिव्यांग जनों के 16 वें राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह के लिए विविध कार्यक्रम और व्यवस्था समितियां बनाकर सेवाभावियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई।
परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष सत्येन्द्र अग्रवाल’ ने बताया कि 28 फरवरी एवं एक मार्च को आशीर्वाद भवन में आयोजित किए जा रहे इस विवाह के लिए अब तक लगभग 20 जोड़े तय हो चुके हैं। 23 फरवरी तक और भी जोड़े तय हो जाएंगे। संयोजक वीरेंद्र पांडे ने कहा कि किसी भी सेवा कार्य में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
सहसंयोजक घनश्याम पोद्दार एवं कोषाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने’ कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते कहा कि जिस कार्यक्रम में कार्यकर्ता अपना कार्य पूरे समर्पण से करते हैं उस कार्यक्रम में कभी भी जन और धन की कमी नहीं होती। इस आयोजन के माध्यम से अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद व सहयोगी संगठनों के सेवा कार्यों का 25 सालों का इतिहास अंकित होगा। हमें गर्व है कि यह एकमात्र संस्था है जो विकलांगता के क्षेत्र में अनेक प्रकार के कार्य करती है। बहुत जल्द ही राजनीति क्षेत्र में भी विकलांगों को स्थान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रांतीय महामंत्री संतोष तिवारी (पारीक) ने कहा कि आयोजन का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए तभी सेवा कार्य का उद्देश्य सफल होगा। कान्यकुब्ज सभा एवं शिक्षा मंडल के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने कहा कि यदि कोई और जोड़ा तैयार होता है, तो उन्हें भी शामिल किया जाए। बैठक में सहसंयोजक अनुराधा दुबे, डीएस कुशवाह, राजेश दीक्षित संजय अवस्थी एवं योगेश शर्मा ने भी विचार रखे।
पंजीयन व्यवस्था प्रभारी
दिव्यांग जोड़ों का विवाह कराने के लिए पंजीयन समिति में सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम के अध्यक्ष प्रकाश सुरावधनीवार, दीपक अग्रवाल, पारस सोनी, नवीन भूषणिया, अजय शर्मा, कमल गुप्ता संतोष बजाज, पवन सोनी, अजय यदु, बिलासपुर के नित्यानंद अग्रवाल, मदन मोहन अग्रवाल, आर के गेंदले को शामिल किया गया है।
मेहंदी हल्दी रस्म व महिला संगीत समिति
विवाहित जोड़ों को दान स्वरूप कपड़े, बर्तन, श्रृंगार सामग्री, सूटकेस, कुकर, पंखा एवं अन्य सामग्री की व्यवस्था करने अनुराधा दुबे के नेतृत्व में महिला मंडल की लीला ओझा, पूजा तिवारी, अनिता अग्रवाल, निशा अग्रवाल, संगीता यदु, आशा तिवारी, दिव्या अग्रवाल, मालती दुबे, श्वेता अग्रवाल, प्रांजलि सेन, शीतल भूषणिया, निधि ओझा, सरोज शैफी शकुंतला तिवारी को जिम्मेदारी सौंपी गई। यह समिति 28 फरवरी को शाम 4 बजे से मेहंदी, हल्दी की रस्म व महिला संगीत कार्यक्रम को संचालित करेगी। संगीत संध्या में रामदास अग्रवाल और उनकी टीम प्रस्तुति देगी।
भोजन व्यवस्था समिति
भोजन व्यवस्था में नितेश अग्रवाल, त्रिपद जैन, श्याम शर्मा, संतोष बजाज सुभाष अग्रवाल, क्षितिज अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, राजू अग्रवाल, योगेश शर्मा रवि शर्मा, हरिकिशन शर्मा, विनोद सेन, तरुण शर्मा विमल शुक्ला सहित अन्य सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई।
आवास समिति
दिव्यांग भाई-बहन और उनके परिवार जनों के ठहरने की व्यवस्था कान्यकुब्ज ब्राह्मण सभा के सदस्यों द्वारा भवन में ही की जाएगी। आवास समिति में गौरव शुक्ला, सुशील तिवारी, प्रभात पांडे, विजय शुक्ला, सुरेश मिश्रा,, राजेश दीक्षित, प्रशांत तिवारी, राजेश त्रिवेदी को जिम्मेदारी दी गई।
सामूहिक विवाह समिति
एक मार्च को होने वाले सामूहिक विवाह के लिए गठित समिति में हेमन्त तिवारी, नवीन भूषणीया, तरुण शर्मा, रवि शर्मा, दीपक अग्रवाल, पवन सोनी, विकास तिवारी, आशुतोष शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई।
नवविवाहित जोड़ों को 50 हजार से एक लाख प्रोत्साहन राशि
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नवविवाहित दिव्यांग जोड़ों को 50 हजार से एक लाख तक विवाह प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है। आयोजन समिति द्वारा प्रत्येक नव दंपत्ति को गृहस्थ संबंधित संपूर्ण सामग्री प्रदान की जाएगी।



