राजनांदगांव। प्रदेश भर में इस बार दूसरे राज्यों से अवैध खपाने पर रोक लगाने के लिए काफी सख्ती बरती गई। इस वजह से सीमांत के जिलों में काफी मात्रा में धान की जब्ती की गई। इसी कड़ी में राजनांदगांव जिला प्रशासन ने इस बार खरीदी के दौरान सीमा पर सख्ती दिखाते हुए न सिर्फ भारी मात्रा में अवैध धान की खेप को जिले में पहुंचने से रोका, बल्कि अवैध धान परिवहन करते वाहनों को भी जब्त किया। प्रशासन की इस कड़ाई के चलते कोचियों और बिचौलियों की हालत बेहद खराब रही।
प्रशासनिक टीमों को किया मुस्तैद
राजनांदगांव कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने पूरे खरीदी सीजन में प्रशासनिक टीमों को मुस्तैद रहकर कार्रवाई करने का जिम्मा सौंपा था। इस साल प्रशासन की तगड़ी मोर्चाबंदी के कारण बार्डर में धान की अवैध खेप लाने वाले गिरोह की दाल नहीं गली। इधर प्रशासनिक टीम ने खरीदी के दौरान सिलसिलेवार छापेमारी की। इस कार्रवाई के चलते 13 करोड़ रुपए का अवैध धान जब्त किया गया। वहीं धान का परिवहन कर रहे 47 वाहन भी पकडे गए।
वाहनों को किया जायेगा राजसात
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि वाहनों को राजसात किया जायेगा। यह पहला अवसर है कि जिले में भारी मात्रा में धान का अवैध परिवहन और वाहन जब्त करने में प्रशासन को सफलता मिली है। अब तक 45 हजार क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। 47 वाहनों को बरामद कर राजसात करने की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। प्रशासन ने बिचौलियों को जेल की हवा भी खिलाई है।
राजनांदगांव, डोंगरगांव व डोंगरगढ़ अनुभाग में 235 प्रकरण बनाए गए। पुलिस ने 4 बिचौलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। सोसाइटियों में विशुद्ध रूप से किसानों को ही उपज बेचने की व्यवस्था पर कलेक्टर ने जोर दिया था। धान खरीदी केंद्रों में किसी तरह की गफलतबाजी पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की अलग-अलग छापामार टीमों ने गांव-देहातों से लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों में नजर रखी। परिणामस्वरूप भारी मात्रा में करोड़ों रुपए के धान की जब्ती की गई।


