बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस विभाग से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे महकमे को झकझोर कर रख दिया है। यहां के पूर्व एएसपी राजेंद्र जायसवाल पर स्पा सेंटर संचालकों से अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। वायरल वीडियो और लिखित शिकायत के बाद आईजी बिलासपुर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और एसएसपी बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। सात दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
हर महीने मोटी रकम की मांग का आरोप
यह मामला तब सामने आया जब बिलासपुर के एक स्पा सेंटर संचालक लोकेश सेन और उनके भाई अमन सेन ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में दोनों ने पूर्व एएसपी राजेंद्र जायसवाल पर लंबे समय से अवैध वसूली करने के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि स्पा सेंटर संचालित करने की अनुमति के बदले उनसे हर महीने मोटी रकम की मांग की जाती थी।
स्पा संचालक लोकेश सेन का कहना है कि उनसे लगातार पैसे लिए जाते रहे और हर महीने रकम देने पर ही व्यवसाय सुचारू रूप से चलाने दिया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक वे पैसे देते रहे, तब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन जैसे ही उन्होंने भुगतान बंद किया, उनके स्पा सेंटर को निशाना बनाया जाने लगा। उनका कहना है कि दबाव बनाने के लिए बार-बार छापेमारी और फर्जी कार्रवाई की धमकियां दी जाती थीं।
अमन सेन ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिलासपुर शहर में स्पा सेंटर चलाने के लिए हर तत्कालीन एएसपी को लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह देने पड़ते थे। उनका दावा है कि दिसंबर 2025 में उन्होंने यह राशि देना बंद कर दिया था, जिसके बाद से ही उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई। अमन सेन के अनुसार, 6 जनवरी 2026 को उनके स्पा सेंटर पर एकतरफा और दबाव में कार्रवाई की गई, जिसका उद्देश्य उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना था।
पीड़ितों का कहना है कि लगातार धमकियों और दबाव के चलते वे मानसिक रूप से परेशान हो चुके थे। आखिरकार उन्होंने पूरी सच्चाई सामने लाने का फैसला किया और एक वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो वायरल होते ही यह मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया और लोग पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे।
लिखित शिकायत के बाद जांच के आदेश
स्पा संचालकों ने इस संबंध में बिलासपुर रेंज के आईजी को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में उन्होंने पूरे घटनाक्रम का विवरण देते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी किए और एसएसपी बिलासपुर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।



