टीआरपी डेस्क। मध्यप्रदेश सरकार ने महाकाल लोक और महाकाल महाराज के दर्शन के लिए उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की जिम्मेदारी होमगार्ड को सौंपने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद महाकाल मंदिर के लिए होमगार्ड की 4 विशेष कंपनियों के गठन के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है।

होमगार्ड मुख्यालय भोपाल ने इन पदों के लिए भर्ती का प्रस्ताव गृह विभाग को भेज दिया है। भर्ती राज्य कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से की जाएगी। गृह विभाग जल्द ही ESB को आधिकारिक विज्ञापन जारी करने के निर्देश देगा।

इस विशेष कैडर की मुख्य विशेषता यह है कि इन जवानों का ट्रांसफर कहीं और नहीं होगा। वे कॉल ऑफ और कॉल ऑन से मुक्त रहेंगे। इनका पूरा सेवाकाल केवल महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक में ही बीतेगा। इससे जवान मंदिर की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था के विशेषज्ञ बन सकेंगे।

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होमगार्ड अधिकारियों के अनुसार कुल 488 पदों पर भर्ती होगी। प्रत्येक कंपनी में 122 जवान होंगे। कुल 4 कंपनियां गठित की जाएंगी। जवानों की ड्यूटी 3 शिफ्टों में लगाई जाएगी।

महाकाल मंदिर ट्रस्ट इन जवानों का वेतन देगा। भर्ती के बाद जवानों को बेसिक ट्रेनिंग के साथ भीड़ प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन मिल सकें।

महाकाल लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यहां प्रतिदिन औसतन एक लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। फिलहाल मंदिर परिसर की सुरक्षा निजी एजेंसियों के जिम्मे है, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद निजी सुरक्षा एजेंसियां हटाई जाएंगी।

यह विशेष होमगार्ड फोर्स मंदिर परिसर की सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों की सहायता और भीड़ प्रबंधन में भी सक्रिय भूमिका निभाएगी।