टीआरपी डेस्क। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का पार्थिव शरीर पुणे जिले के बारामती स्थित उनके पैतृक निवास काटेवाड़ी लाया गया है। यहां उनके परिवार के सदस्य, पार्टी नेता और समर्थक उनके अंतिम दर्शन कर रहे हैं। इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।
अजित पवार का अंतिम संस्कार आज सुबह 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान मैदान में किया जाएगा। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार का पूरा मंत्रिमंडल उपस्थित रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उन्हें श्रद्धांजलि देने बारामती पहुंच रहे हैं।
यह दुखद हादसा बुधवार सुबह 8:45 बजे उस समय हुआ जब अजित पवार का चार्टर्ड प्लेन बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। 66 वर्षीय पवार पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के सिलसिले में रैलियों को संबोधित करने जा रहे थे। इस विमान हादसे में अजित पवार के साथ उनके सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई।
राज्य सरकार ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र में तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है। अजित पवार हाल ही में 29 जनवरी 2026 तक छठी बार राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे। उनके आकस्मिक निधन से प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है।
अजित पवार का अनूठा रिकॉर्ड: 16 साल में 6 बार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे
महाराष्ट्र की राजनीति में अनुभवी नेता अजित पवार ने एक विशिष्ट रिकॉर्ड अपने नाम किया है। पिछले 16 सालों में वे कुल 6 बार राज्य के उप-मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) पद की शपथ ले चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार, उनका यह सफर साल 2010 से शुरू होकर वर्तमान 2026 तक जारी रहा।
प्रथम कार्यकाल: 11 नवंबर 2010 से 25 सितंबर 2012 तक।
द्वितीय कार्यकाल: 7 दिसंबर 2012 से 28 सितंबर 2014 तक।
तृतीय कार्यकाल: 23 नवंबर 2019 से 26 नवंबर 2019 तक (यह सबसे छोटा कार्यकाल रहा)।
चतुर्थ कार्यकाल: 30 दिसंबर 2019 से 29 जून 2022 तक।
पंचम कार्यकाल: 2 जुलाई 2023 से 5 दिसंबर 2024 तक।
छठा कार्यकाल: 5 दिसंबर 2024 से शुरू होकर 29 जनवरी 2026 तक दर्ज है।
महाराष्ट्र की सियासत में आए कई उतार-चढ़ावों और गठबंधन की सरकारों के बीच अजित पवार की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण बनी रही है। अलग-अलग समय में विभिन्न दलों के साथ सरकार गठन में उनकी भागीदारी ने उन्हें राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं की श्रेणी में बनाए रखा है। 16 वर्षों के भीतर छह बार एक ही महत्वपूर्ण पद पर आसीन होना उनकी राजनीतिक कुशलता और स्वीकार्यता को दर्शाता है।


