रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Yojana) के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए 30 जनवरी को बड़ी परेशानी हो सकती है। दरअसल राज्य के निजी अस्पतालों ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज बंद रखने का फैसला लिया है।
निजी अस्पतालों के संगठन एसोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (AHPI) से जुड़े निजी अस्पतालों ने यह फैसला लिया है। इस फैसले को लेकर अब अस्पतालों की ओर से लिखित सूचना और पोस्टर भी जारी कर दिए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि निर्णय प्रतीकात्मक नहीं बल्कि संगठित और अंतिम चेतावनी के रूप में लिया गया है।
संगठन ने जारी किया पोस्टर
संगठन द्वारा जारी पोस्टर में साफ शब्दों में कहा गया है कि ‘सरकार से पिछले 1 वर्ष से बकाया भुगतान प्राप्त नहीं होने के कारण हम आयुष्मान योजना के अंतर्गत उपचार करने में असमर्थ हैं। 30 जनवरी को आयुष्मान योजना के अंतर्गत उपचार बंद रहेगा।’

निजी अस्पताल संचालकों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष जनवरी से मार्च 2025 का भुगतान अब तक लंबित है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में जुलाई से अब तक कोई भुगतान नहीं हुआ।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग हर महीने निजी अस्पतालों को औसतन 180 से 200 करोड़ रुपये का भुगतान करता है। इस हिसाब से देखें तो करीब 1500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अभी भी बकाया है।
AHPI के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. राकेश गुप्ता ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज में दवाइयों, जांच, ऑपरेशन और डॉक्टरों और स्टाफ के वेतन का पूरा खर्च पहले अस्पताल को उठाना पड़ता है। लेकिन, लगातार भुगतान नहीं मिलने से अस्पतालों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है।
अस्पतालों का कहना है कि वे मरीजों के हित में लंबे समय तक योजना से जुड़े रहे, लेकिन अब बिना भुगतान के इलाज जारी रखना संभव नहीं रह गया है।
निजी अस्पतालों ने संकेत दिए हैं कि 30 जनवरी का इलाज बंद रखना एक चेतावनी है। अगर इसके बाद भी बकाया भुगतान को लेकर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो आयुष्मान योजना के तहत इलाज को लंबे समय तक बंद किया जा सकता है। राज्यस्तरीय आंदोलन और सामूहिक फैसले लिए जा सकते हैं।
निजी अस्पतालों के इस फैसले का सीधा असर आयुष्मान कार्डधारी गरीब मरीजों, ग्रामीण इलाकों से इलाज के लिए आने वाले लोगों पर पड़ेगा, जो निजी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। देखना है कि स्वास्थ्य विभाग 30 जनवरी से पहले भुगतान को लेकर कोई समाधान निकलता है या नहीं?


