टीआरपी। Health review meeting : छत्तीसगढ़ के सुदूर इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदतर है। आए दिन यह सुनने को मिलता है कि मरीज को साइकिल पर अथवा खाट पर कई किलोमीटर तक ले जाया गया। गर्भवती हो या गंभीर मरीज हो, समय पर इलाज न मिलने से या तो हालत गंभीर हो गई या उस मरीज की मृत्यु हो गई। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जनजाति इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि जो भी डॉक्टर अस्पताल से बाहर की दवाएँ लिखते हैं ऐसे डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और अस्पतालों में दवाइयां आसानी से मिले, इसकी व्यवस्था की जाए।
जिला अस्पतालों में ब्लड बैंक हो
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के शासकीय अस्पताल किसी भी दृष्टि से निजी अस्पतालों से कमतर नहीं हैं । जिला अस्पतालों में बेहतर उपचार सुविधाओं के साथ.साथ उच्च स्तरीय स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। शासकीय अस्पतालों की छवि को और अधिक सशक्त बनाने को सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने सभी जिला अस्पतालों में अनिवार्य रूप से ब्लड बैंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक रखी गई। मंत्री जायसवाल ने कहा कि पिछले दो वर्ष में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो रहा है। इसके बावजूद यह जरूरी है कि दूरस्थ वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा ठीक की जाए।
57 मोबाइल मेडिकल यूनिट
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने दुर्गम क्षेत्रों में 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से प्रदान की जा रही सेवाओं को सुधारने का निर्देश दिया। साथ ही जिन मरीजों का इलाज हो चुका है, उन मरीजों से फीडबैक लेने का निर्देश दिया। प्रत्येक महीने समीक्षा बैठक में इसकी जानकारी उपलब्ध कराने कहा।
इसके अलावा 102 महतारी एक्सप्रेस, 108 संजीवनी एक्सप्रेस तथा 1099 से संबंधित शिकायतों का निराकरण 100 प्रतिशत सुनिश्चित करने पर जोर दिया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप.स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त साधन उपलब्ध कराने कहा।
डायग्नोस्टिक सेवा सुधारें
बैठक में डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुदृढ़ करने, अस्पतालों में लैब टेक्नीशियन की सुविधा,
जांच की गुणवत्ता ठीक करने कहा।
डायलिसिस यूनिट की स्थापना पर जोर
मंत्री ने नए जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों को भर्ती से संबंधित विज्ञापन एक सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम को एक महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर डायलिसिस यूनिट स्थापित करने तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक जन औषधि केंद्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया।



