रायपुर। लोकसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल द्वारा संसद में उठाए गए सवाल का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। देश के हर राज्य में अंतरिक्ष प्रयोगशाला और संग्रहालय स्थापित करने की उनकी मांग के बाद इसरो (ISRO) ने अपनी आउटरीच गतिविधियों को तेज कर दिया है। स्पेस ऑन व्हील्स पहल के तहत इसरो की मोबाइल प्रदर्शनी अब तक 24 से अधिक राज्यों तक पहुंच चुकी है।

संसद में उठी थी युवाओं के भविष्य की बात

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 1 दिसंबर 2025 को लोकसभा में नियम 377 के तहत यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक से जुड़ी सुविधाएं कुछ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। देश के हर राज्य के युवाओं को इसका लाभ मिलना चाहिए, ताकि वैज्ञानिक सोच विकसित हो और छात्र राष्ट्र निर्माण से जुड़ सकें।

13 राज्यों में 19 अंतरिक्ष संग्रहालय संचालित

अग्रवाल के सवाल के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और अंतरिक्ष विभाग ने इस विषय पर समीक्षा की। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, फिलहाल इसरो देश के 13 राज्यों में 19 अंतरिक्ष संग्रहालय और प्रदर्शनियों का संचालन कर रहा है। इनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्य शामिल हैं।

See also  Forest Department Will Plant 3 Crore Saplings -नदियों के तटों, वन भूमि और चिन्हांकित जगहों में लगाए जायेंगे 3 करोड़ पौधे

ग्रामीण इलाकों तक पहुंच रहा स्पेस ऑन व्हील्स

ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक विज्ञान पहुंचाने के उद्देश्य से छह मोबाइल अंतरिक्ष संग्रहालय वैन चलाई जा रही हैं। स्पेस ऑन व्हील्स के जरिए ये वैन अब तक देश के 24 से अधिक राज्यों में छात्रों और आम लोगों तक अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी पहुंचा चुकी हैं।

स्कूल-कॉलेजों में खुलेंगी अंतरिक्ष प्रयोगशालाएं

सांसद की पहल पर इन-स्पेस (IN-SPACe) ने शैक्षणिक संस्थानों में अंतरिक्ष प्रयोगशाला कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है। इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में ही छात्रों को स्पेस साइंस की प्रायोगिक ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे पढ़ाई के साथ व्यवहारिक ज्ञान भी मिल सके।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि यह करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है और उनका प्रयास है कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश के हर राज्य को समान अवसर मिलें।