नई दिल्ली। New Tax On Tobacco Products: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार रविवार, (1 फरवरी, 2026) से सिगरेट, तंबाकू उत्पादों और पान मसाले पर नया टैक्स सिस्टम लागू करने जा रही है, जिसका उद्देश्य इन उत्पादों पर सख्त नियंत्रण रखना और इन ‘सिन गुड्स’ पर टैक्स का स्तर ऊंचा बनाए रखना है। इसके साथ ही पान मसाले पर नया हेल्थ सेस और नेशनल सिक्योरिटी सेस भी लगाया जाएगा।

New Tax On Tobacco Products: पुराने टैक्स सिस्टम की जगह नया टैक्स

यह नया टैक्स सिस्टम पुराने सिस्टम की जगह लेगा, जिसमें इन उत्पादों पर 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ एक कंपनसेशन सेस लगाया जाता था। यह कंपनसेशन सेस जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के समय से चल रहा था। सरकार तंबाकू से जुड़े कुछ उत्पादों जैसे चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा के लिए एमआरपी आधारित मूल्यांकन सिस्टम भी ला रही है, जिसमें अब फैक्ट्री कीमत के बजाय पैकेट पर छपी खुदरा कीमत (एमआरपी) के आधार पर जीएसटी की गणना होगी।

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New Tax On Tobacco Products: सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद

सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से टैक्स चोरी कम होगी और राजस्व (कमाई) में बढ़ोतरी होगी। 1 फरवरी से पान मसाला बनाने वाली कंपनियों को नए हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस कानून के तहत दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इन कंपनियों को अपनी फैक्ट्रियों में सभी पैकिंग मशीनों को कवर करने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम दो साल तक सुरक्षित रखनी होगी।

कंपनियों को अपनी फैक्ट्री में लगी मशीनों की संख्या और उनकी उत्पादन क्षमता की जानकारी एक्साइज अधिकारियों को देनी होगी। अगर कोई मशीन लगातार 15 दिन तक काम नहीं करती है, तो उस अवधि के लिए कंपनियां एक्साइज ड्यूटी में छूट का दावा कर सकेंगी।