सारंगढ़। जिले के बरमकेला विकासखंड के ग्राम मारोदरहा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण को लेकर प्राप्त शिकायतों के आधार पर सहायक खाद्य अधिकारी द्वारा जांच की गई। इस दौरान राशन वितरण से संबंधित अनियमितताएं उजागर हुईं।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार दुकान के अभिलेखों और स्टॉक में अंतर पाया गया। रिपोर्ट में यह उल्लेख है कि कुछ ऐसे राशन कार्डों के माध्यम से खाद्यान्न का उठाव दर्शाया गया, जिनके धारक का निधन हो चुका है। जांच में जिन मृत कार्डधारकों के नाम सामने आए, उनमें लच्छीराम सिदार, रूपकुंवर डनसेना एवं राधेश्याम डनसेना शामिल हैं।

उप सरपंच पर है घोटाले का आरोप

जांच रिपोर्ट के अनुसार विक्रेता दिनेश डनसेना, जो ग्राम पंचायत में उपसरपंच भी हैं, पर आरोप है कि मृत कार्डधारकों के राशन कार्ड में अपने परिवार के सदस्यों के नाम जोडक़र राशन वितरण किया गया। जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में 24.31 क्विंटल चावल एवं 2.11 क्विंटल शक्कर की कमी पाई गई।

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8 लाख 69 हजार रूपये का राशन गायब

सहायक खाद्य अधिकारी की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मामला छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। जांच के आधार पर कुल 8,69,699.88 रुपये का राशन कम पाया गया जिसकी वसूली प्रस्तावित की गई है। रिपोर्ट में शारदा महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष, सचिव एवं संबंधित विक्रेता दिनेश डनसेना के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

इसी क्रम में जांच के दौरान यह भी उल्लेख किया गया है कि शारदा महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित गोबरसिंघा स्थित उचित मूल्य दुकान में भी अपयोजित खाद्यान्न पाया गया, जिसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है। मामले में आगे की कार्रवाई सक्षम प्राधिकारी के स्तर पर प्रक्रियाधीन बताई गई है।