टीआरपी। Rajim Kumbh Kalp Mela : त्रिवेणी संगम राजिम के तट पर नवीन मेला मैदान में राजिम कुंभ कल्प मेला का शुभारंभ राज्यपाल रमेन डेका एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया। भगवान राजीवलोचन की प्रतिमा के समक्ष पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। महाआरती में भी शामिल हुए।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि राजिम की पावन भूमि में महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का संगम है। ‘कल्प कुंभ’ के नाम से प्रसिद्ध मेला हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर का प्रतीक है।

राजिम छत्तीसगढ़ की आस्था का प्रतीक

राज्यपाल ने कहा कि राजिम माघी पुन्नी मेला छत्तीसगढ़ की आस्था का प्रतीक है। यह एक ऐसा पावन आयोजन है जिसमें छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ-साथ देश भर के विभिन्न भागों से भी श्रद्धालुओं का आगमन होता है। राजिम प्राचीन समय से ही शैव और वैष्णव धर्म के केंद्र के रूप में विख्यात एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां राजीवलोचन मंदिर में भगवान विष्णु चतुर्भुज स्वरूप में विराजमान है। यहां भगवान शिव कुलेश्वर महादेव के रूप में विराजमान हैं।

See also  दिल्ली एयरपोर्ट पर हादसा! स्विस एयर के विमान के इंजन में लगी आग, 6 यात्री घायल…

पंचकोशी यात्रा विश्व प्रसिद्ध

राज्यपाल डेका ने कहा कि कुलेश्वरनाथ महादेव, पटेश्वर नाथमहादेव, चंपेश्वर नाथ महादेव, ब्रम्ह्केश्वर नाथ, फनीकेश्वर नाथ महादेव, करपूरेश्वर महादेव की पंचकोशी यात्रा विश्व प्रसिद्ध है। प्राचीन मंदिरों की बहुलता राजिम को पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता प्रदान करती हैं। इन मंदिरों में मूर्ति कला के गौरवशाली इतिहास के दर्शन होते हैं। शास्त्रों में माघ के माह पुण्य माह माना गया है। माघ माह के इस पावन अवधि में सदियों से ही पवित्र नदियों एवं त्रिवेणी संगमों में पुण्य स्नान की परंपरा रही है। इस माह छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में मेले का आयोजन की प्राचीन परंपरा रही है।

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस कुंभ को स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं के साथ भव्य रूप में आयोजित किया जाता है। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत करेगा, बल्कि पर्यटन, लोक संस्कृति को भी नई दिशा देगा। हमारे पूर्वजों ने नदियों, सरोवरों और वृक्षों की महत्ता और उनके संरक्षण पर विशेष बल दिया।

See also  Video: लॉकडाउन में कार रोकने को कहा तो पुलिस वाले को बोनट में घसीट ले गया युवक

राजिम कुंभ ने बनाई विश्व स्तर पर पहचान

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प पर्व हमारी सांस्कृतिक उत्सव परंपरा और लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव है, जो समाज के मूल्यों को और अधिक प्रगाढ़ बनाता है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं आज विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने कहा कि त्रिवेणी संगम केवल नदियों की धाराओं का संगम नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। राजिम कुंभ कल्प मेला मात्र एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह सामाजिक समरसता, एकता का संदेश देता है। संत राजीव लोचन महाराज ने कहा कि वर्ष 2006 से छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में पहचान बना चुके राजिम कुंभ कल्प मेला की यह पावन श्रृंखला वर्ष 2026 में पहुंच चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित राजिम कुंभ कल्प मेला आज पूरे देश को जोड़ने का कार्य कर रहा है और यह आयोजन भव्यता एवं दिव्यता के साथ निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।

See also  धनतेरस पर बंपर खरीदारी, 1 लाख करोड़ रुपए का कारोबार, सोने-चांदी की बिक्री ने तोड़ा रिकॉर्ड

पं. युवराज पांडेय ने कहा कि कुंभ पर्व नासिक, हरिद्वार, प्रयागराज एवं उज्जैन जैसे पावन तीर्थों पर आयोजित होता है। राजिम कुंभ कल्प आज सम्पूर्ण भारतवर्ष में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। इस अवसर पर राज्य गृह भंडार निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल , नगर पालिका राजिम अध्यक्ष महेश यादव, नगर पालिका गोबरा नवापारा की अध्यक्षा ओमकुमारी साहू, गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित साधु-संत, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।