टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की अवधि दो दिनों के लिए बढ़ाए जाने के बीच कवर्धा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। धान शॉर्टेज को लेकर अजीब बयान देने वाले जिला विपणन अधिकारी (DMO) अभिषेक मिश्रा पर आखिरकार कार्रवाई हो गई है। 7 करोड़ रुपये के धान घोटाले से जुड़े इस प्रकरण में 3 फरवरी 2026 को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई प्रबंध संचालक द्वारा मीडिया में भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बयान देने के आरोप में की गई है।

पूरा मामला कवर्धा जिले के चारभाठा धान संग्रहण केंद्र से जुड़ा है। पुराने स्टॉक के भौतिक सत्यापन के दौरान 26 हजार क्विंटल धान कम पाया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई गई। धान की इस भारी कमी को लेकर जब मीडिया ने डीएमओ अभिषेक मिश्रा से सवाल किए, तो उन्होंने यह कहकर सबको चौंका दिया कि मौसम की मार, चूहा और दीमक द्वारा धान खा जाने के कारण यह शॉर्टेज हुआ है। इस बयान के सामने आते ही मामला और गंभीर हो गया। सोशल मीडिया पर बयान की जमकर आलोचना हुई और पूरे प्रदेश में इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।

See also  बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा छत्तीसगढ़ : सीएम बघेल ने 1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल पॉवर स्टेशन की रखी आधारशिला

राजनीतिक स्तर पर भी विरोध तेज हो गया। कांग्रेस और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए प्रदर्शन किए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च स्तर पर समीक्षा की गई, जिसमें यह माना गया कि डीएमओ द्वारा दिया गया बयान भ्रामक होने के साथ-साथ प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।