आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस और बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी पर आधारित वैज्ञानिक चित्र।

टीआरपी। Satyendra Nath Bose Chhattisgarh Regional Science Centre : भारत के महान वैज्ञानिक आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विज्ञान जगत के दिग्गजों ने बोस के उन सिद्धांतों पर चर्चा की, जिसने अल्बर्ट आइंस्टीन जैसे वैज्ञानिकों को भी नई दिशा दिखाई थी।\

बोस-आइंस्टीन संघनन: आधुनिक भौतिकी की नींव

आयोजन के मुख्य वक्ता एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर डॉ. एस.के. पाण्डेय ने बताया कि आचार्य बोस के शोध कार्यों से अल्बर्ट आइंस्टीन इतने प्रभावित थे कि उन्होंने उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाया। इसी समन्वय का परिणाम बोस-आइंस्टीन संघनन (BEC) जैसी क्रांतिकारी अवधारणा के रूप में निकला। आज इसी सिद्धांत का उपयोग क्वांटम रिसर्च और उन्नत प्रौद्योगिकियों में पूरी दुनिया में किया जा रहा है।

प्रेरणादायी जीवन और क्वांटम भौतिकी का सफर

डॉ. पाण्डेय ने आचार्य बोस के बाल्यकाल से लेकर उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का क्रमबद्ध विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने क्वांटम भौतिकी के जटिल विषयों, विशेषकर बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी को उपस्थित छात्रों को बेहद सरल ढंग से समझाया। कार्यक्रम की शुरुआत साइंस सेंटर के महानिदेशक प्रशांत कविश्वर के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिन्होंने बोस की मौलिक सोच को युवाओं के लिए अनुकरणीय बताया।

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स्कूली छात्र और विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी

इस वैज्ञानिक सत्र में शासकीय विद्यालय दलदल सिवनी और बी.पी. पुजारी स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। साथ ही बी.एड. और डी.एड. के विज्ञान शिक्षक भी शामिल हुए। इस अवसर पर एससीईआरटी के अतिरिक्त संचालक जे.पी. रथ सहित साइंस सेंटर और विज्ञान परिषद के वैज्ञानिक व अधिकारी उपस्थित रहे।