टीआरपी डेस्क। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह गुरुवार को भारत टैक्सी सेवा का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह देश का पहला सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। मल्टी-स्टेट कोपरेटिव सोसाइटीज एक्ट 2002 के तहत पंजीकृत इस सेवा का लक्ष्य अगले दो वर्षों के भीतर सभी राज्यों और प्रमुख शहरों में विस्तार करना है।
भारत टैक्सी पूरी तरह स्वदेशी मॉडल पर आधारित है और विदेशी निवेश वाले प्लेटफॉर्म्स के विकल्प के रूप में उभरी है। यह सेवा जीरो कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल पर काम करती है, जिसका अर्थ है कि ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और यात्रियों से भी मांग बढ़ने पर अतिरिक्त किराया नहीं वसूला जाएगा। प्लेटफॉर्म से होने वाली आय और लाभ का सीधा वितरण ड्राइवरों को किया जाता है।
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, यह दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइवर-स्वामित्व वाला मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है। इसकी स्थापना जून 2025 में हुई थी और वर्तमान में आठ प्रमुख सहकारी संगठन इसे समर्थन दे रहे हैं। दिसंबर में दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में शुरू हुए इसके पायलट प्रोजेक्ट को बड़ी सफलता मिली है। अब तक इस प्लेटफॉर्म से तीन लाख से अधिक ड्राइवर और एक लाख से अधिक उपभोक्ता जुड़ चुके हैं।
इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता ड्राइवरों की सामाजिक सुरक्षा है। इन्हें सारथी का नाम दिया गया है और इनके लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और रिटायरमेंट सेविंग्स जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। दिल्ली में सारथियों की मदद के लिए सात स्थानों पर समर्पित सहायता केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में दिल्ली और गुजरात में प्रतिदिन 10 हजार से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं। यह नया प्लेटफॉर्म बाजार में पहले से मौजूद ओला और उबर जैसे बड़े खिलाड़ियों के बीच एक मजबूत स्वदेशी विकल्प पेश करेगा।



