टीआरपी डेस्क। राज्य में लगातार हो रहे जानलेवा हादसों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चाइनीज मांझे के इस्तेमाल और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि इस मांझे के कारण किसी की जान जाती है, तो इसे हत्या की श्रेणी में माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ धारा 302 (अब बीएनएस की संबंधित धारा) के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पतंगबाजी के शौकीनों के बीच सस्ता और मजबूत होने के कारण चाइनीज मांझा काफी लोकप्रिय है, लेकिन यह पक्षियों और इंसानों के लिए ‘साइलेंट किलर’ साबित हो रहा है। हाल ही में लखनऊ में एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की गला कटने से हुई दर्दनाक मौत के बाद सरकार ने यह कड़ा रुख अपनाया है।
“कैसे बिक रहा है अवैध मांझा?” – अधिकारियों से सीएम का सीधा सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतिबंध के बावजूद बाजार में चाइनीज मांझे की उपलब्धता को लेकर बेहद नाराज नजर आए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर रोक के बाद भी इसकी बिक्री कौन कर रहा है? सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
पुलिस को मिला सघन छापेमारी का आदेश
सीएम के आदेश के बाद यूपी पुलिस को पूरे प्रदेश में सघन छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव और डीजीपी स्तर पर इस अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दुकानों, गोदामों और थोक विक्रेताओं के ठिकानों पर दबिश दी जाए और अवैध स्टॉक को जब्त किया जाए।
पिछले एक साल में 8 मौतें
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बीते एक साल में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में चाइनीज मांझे के कारण 8 लोगों की जान जा चुकी है। बुधवार को लखनऊ में हुई घटना ने प्रशासन की नींद उड़ा दी, जहाँ एक युवक सड़क पर तड़पता रहा और समय पर इलाज न मिलने व अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई।


