रायपुर। कल शनिवार, 7 फरवरी 2026 को पूरे देश में एप-बेस्ड राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ओला (Ola), उबर (Uber) और रेपिडो (Rapido) से जुड़े ड्राइवर्स ने महाहड़ताल का एलान किया है। ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नाम की इस स्ट्राइक के कारण यात्रियों को कार, ऑटो या बाइक-टैक्सी बुक करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है (लोकल इम्पैक्ट): छत्तीसगढ़ के रायपुर, भिलाई और बिलासपुर जैसे शहरों में भी हजारों लोग आवाजाही के लिए इन एप्स पर निर्भर हैं। कल की हड़ताल से दफ्तर जाने वालों और रेलवे स्टेशन/एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि सड़कों पर इन कंपनियों की गाड़ियां नदारद रहने की आशंका है।
तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने राष्ट्रीय मजदूर संगठनों के साथ मिलकर इस देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियन ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि एप-आधारित परिवहन कर्मचारी अब “अंतहीन शोषण” और “न्यूनतम किराया” न होने के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी और सरकार की अनदेखी की ओर ध्यान खींचना है।
यूनियन ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र में बताया है कि ओला, उबर और रेपिडो जैसी कंपनियां खुद ही किराया तय करती हैं, जिससे ड्राइवरों की कमाई में भारी अनिश्चितता रहती है। सरकार द्वारा कोई न्यूनतम किराया या रेगुलेशन तय न होने के कारण लाखों वर्कर्स को वित्तीय सुरक्षा नहीं मिल पा रही है, जबकि एग्रीगेटर कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं।



