Naga Sadhu Peshwai Rajim Kumbh Kalp 2026.

टीआरपी।

राजिम कुंभ कल्प 2026 की रौनक अपने चरम पर है। 7 फरवरी, शनिवार को कुंभ का सबसे खास आकर्षण यानी नागा साधुओं की शाही पेशवाई निकाली जाएगी। साधु-संतों के आगमन के साथ ही त्रिवेणी संगम की इस पावन धरा पर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होने लगा है। पेशवाई की शुरुआत सुबह 9 बजे गरियाबंद रोड स्थित दत्तात्रेय मंदिर से होगी।

राजिम कुंभ में पेशवाई का अर्थ है साधु-संतों का राजसी ठाट-बाट के साथ कुंभ क्षेत्र में प्रवेश। यह न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और आस्था का सबसे बड़ा प्रदर्शन है। इस आयोजन को देखने के लिए प्रदेशभर से लाखों श्रद्धालु राजिम पहुँचते हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलता है।

शाही अंदाज में होगा नगर भ्रमण

दत्तात्रेय मंदिर के सर्वराकार रामकुमार पुरी गोस्वामी ने बताया कि भगवान दत्तात्रेय की प्रतिमा को पालकी में विराजित कर यह यात्रा निकाली जाएगी। पेशवाई महामाया चौक, गोवर्धन चौक और गायत्री मंदिर से होते हुए वीआईपी रोड के जरिए सीधे लोमश ऋषि आश्रम पहुँचेगी। इस दौरान नागा साधु अपने पारंपरिक शस्त्रों का प्रदर्शन करेंगे, जो दर्शकों के लिए रोमांचक अनुभव होगा।

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पुष्प वर्षा से होगा संतों का अभिनंदन

मान्यता है कि पेशवाई के साथ ही साधु-संत कुंभ के मुख्य धार्मिक कार्यों और अनुष्ठानों में रत हो जाते हैं। पेशवाई मार्ग पर राजिम के नागरिक और श्रद्धालु पुष्प वर्षा कर संतों का स्वागत करेंगे। नागा साधु अपने अखाड़ों की ध्वजा लेकर, घोड़ों और रथों पर सवार होकर पूरी सैन्य परंपरा के साथ निकलेंगे। प्रशासन ने साधुओं के विश्राम के लिए दत्तात्रेय मंदिर परिसर में टेंट और छाया की विशेष व्यवस्था की है।

पेशवाई के संपन्न होने के साथ ही कुंभ कल्प में संतों के प्रवचन, शाही स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों की गति बढ़ जाएगी। महाशिवरात्रि तक चलने वाले इस मेले में आने वाले दिनों में और भी कई अखाड़ों के संतों का आगमन होगा।