टीआरपी डेस्क। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1997 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के अधिकारी सुबोध कुमार सिंह प्रशासन में अपनी गहरी पकड़ और नीतिगत फैसलों के लिए जाने जाते हैं। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में कलेक्टरी से लेकर केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण संस्थानों के शीर्ष पदों तक, उनका करियर प्रशासनिक अनुभव की एक मिसाल है। सुबोध कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सरकार के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में लंबे समय तक काम किया। उनके द्वारा राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में किए गए सुधारों ने छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को देश के लिए एक मॉडल बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन
सुबोध कुमार सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उनकी उच्च शिक्षा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हुई है:
- उन्होंने IIT रूड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन और मास्टर्स (M.Tech) की डिग्री हासिल की है।
- तकनीकी शिक्षा के प्रति उनके रुझान ने बाद में प्रशासनिक कार्यों में डेटा और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल में उनकी मदद की।
छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण पदों पर रहे
राज्य में अपनी सेवाओं के दौरान सुबोध कुमार सिंह ने कई चुनौतीपूर्ण पदों का निर्वहन किया:
- कलेक्टर: उन्होंने छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण जिलों जैसे रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर के कलेक्टर के रूप में कार्य किया।
- मुख्यमंत्री के सचिव: वे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सबसे विश्वसनीय अधिकारियों में से एक रहे और लंबे समय तक उनके सचिव का पद संभाला।
- खाद्य विभाग: राज्य के खाद्य सचिव के रूप में उनके कार्यकाल को PDS कंप्यूटरीकरण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और NTA का नेतृत्व
सुबोध कुमार सिंह ने केंद्र सरकार में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई:
- उन्हें केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया था।
- जून 2023 में, उन्हें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का महानिदेशक (Director General) नियुक्त किया गया, जो देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं (जैसे NEET और CUET) का आयोजन करती है।
कार्यशैली और व्यक्तित्व
सुबोध कुमार सिंह को एक लो-प्रोफाइल लेकिन बेहद प्रभावशाली अधिकारी माना जाता है। वे आंकड़ों और नियमों के पक्के अधिकारी के रूप में पहचाने जाते हैं। हालांकि, NTA में उनके कार्यकाल के दौरान परीक्षाओं को लेकर हुए विवादों के कारण वे काफी चर्चा में भी रहे।



