No Flex Zone Board Raipur Municipal Corporation.

टीआरपी।

राजधानी रायपुर को होर्डिंग्स और बैनरों के जाल से मुक्त कर सुंदर बनाने के लिए नगर पालिक निगम ने कड़ा कदम उठाया है। मेयर इन काउंसिल (MIC) के संकल्प के पालन में शहर के 6 प्रमुख मार्गों को आधिकारिक तौर पर ‘नो फ्लैक्स जोन’ घोषित कर दिया गया है। आम जनता और विज्ञापनकर्ताओं की सूचना के लिए इन मार्गों के डिवाइडरों पर ‘नो फ्लैक्स जोन’ के बोर्ड भी स्थापित कर दिए गए हैं।

यह निर्णय शहर के सौंदर्यीकरण और यातायात सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। अक्सर बिजली के खंभों और डिवाइडरों पर लगे अवैध पोस्टर चालकों का ध्यान भटकाते हैं और शहर की खूबसूरती को बिगाड़ते हैं। अब इन क्षेत्रों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

इन 6 मार्गों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

नगर निगम ने शुरुआती चरण में शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रास्तों को इस दायरे में रखा है:

  1. जी.ई. रोड: टाटीबंध चौक से जयस्तंभ चौक होते हुए तेलीबांधा थाना मुख्य मार्ग तक।
  2. पचपेड़ी नाका चौक से लालपुर ओवरब्रिज तक।
  3. भगत सिंह चौक से छत्तीसगढ़ क्लब होते हुए केनाल रोड सिग्नल और मुख्यमंत्री निवास के आसपास।
  4. एन.आई.टी. रायपुर से गोल चौक होते हुए रायपुरा चौक तक।
  5. जयस्तंभ चौक से कोतवाली चौक होते हुए बिजली ऑफिस चौक तक।
  6. महिला थाना चौक से बूढ़ेश्वर मंदिर चौक तक।
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कड़ी कार्रवाई और जुर्माना: विज्ञापनकर्ता सावधान!

नो फ्लैक्स जोन की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए निगम ने सख्त नियम लागू किए हैं:

  • सख्त पाबंदी: सड़क डिवाइडरों, बिजली के खंभों और सार्वजनिक भवनों पर किसी भी प्रकार के फ्लैक्स, बैनर या पोस्टर लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
  • हटाने का खर्च: यदि कोई अवैध फ्लैक्स पाया जाता है, तो निगम उसे तत्काल हटाएगा और इसे हटाने में होने वाले व्यय की वसूली संबंधित विज्ञापनकर्ता से ही की जाएगी।
  • वैधानिक कार्यवाही: निगम अधिनियम के तहत भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।
  • प्रस्ताव: मेयर इन काउंसिल (MIC) द्वारा सर्वसम्मति से पारित।
  • कार्यान्वयन: नगर निवेश दल (सेंट्रल टीम और सभी जोन) द्वारा नियमित मॉनिटरिंग।
  • दायरा: धार्मिक, राजनैतिक और व्यावसायिक सभी प्रकार के अस्थायी विज्ञापनों पर रोक।

निगम की टीमें अब इन 6 मार्गों पर रोजाना गश्त करेंगी। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में शहर के अन्य वार्डों और अंदरूनी मार्गों को भी ‘नो फ्लैक्स जोन’ के दायरे में लाया जा सकता है।

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