टीआरपी।
राजधानी रायपुर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की फेहरिस्त में शीर्ष पर पहुँचाने के लिए नगर पालिक निगम ने कमर कस ली है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों को लेकर आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘सेवा भाव’ के साथ कार्य करने का मंत्र दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारी जनता के सेवक हैं और उन्हें सेवक बनकर ही नागरिकों से सीधा संवाद करना चाहिए।
स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर की रैंकिंग केवल शहर की प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर से जुड़ा है। हर वार्ड को सौंदर्यीकरण के लिए मिली ₹4 लाख की राशि से गलियों की सूरत बदलेगी और वार्ड स्तरीय ‘स्वच्छता चैम्पियन’ तैयार होने से जनभागीदारी बढ़ेगी।
“संस्कार स्वच्छता, स्वभाव स्वच्छता”
महापौर ने बैठक में नारा दिया कि स्वच्छता हमारे संस्कारों और स्वभाव में होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि वार्डों में बैकलेन पेंटिंग, वॉल पेंटिंग और स्वच्छता संदेशों के माध्यम से सौंदर्यीकरण कार्य में तेजी लाई जाए। इसके लिए प्रति वार्ड ₹4 लाख स्वीकृत किए गए हैं। महापौर ने कहा, “जब तक स्वच्छता एक जनआंदोलन नहीं बनेगा, तब तक हम लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाएंगे।”
आयुक्त के सख्त निर्देश: अब नियमों का उल्लंघन करने वाले कहलाएंगे ‘प्रदूषणकर्ता’
निगम आयुक्त विश्वदीप ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 से देश भर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) के नए नियम लागू होंगे। इन नियमों के तहत उल्लंघन करने वालों को अब केवल ‘डिफाल्टर’ नहीं, बल्कि “पोल्लुटर (प्रदूषणकर्ता)” माना जाएगा। उन पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) और NGT के माध्यम से भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रीष्म ऋतु और स्वच्छता के लिए विशेष दिशा-निर्देश:
- पौधों की देखभाल: गर्मी को देखते हुए डिवाइडर और उद्यानों के पौधों को नियमित पानी देने के निर्देश।
- प्लास्टिक पर लगाम: 120 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग पर पूर्ण प्रतिबंध और तत्काल अर्थदंड।
- स्ट्रीट वेंडर्स: शाम के समय ठेला और रेहड़ी व्यवसायियों को अपने आसपास अनिवार्य रूप से सफाई सुनिश्चित करनी होगी।
- कचरा संग्रहण: कचरा गाड़ियाँ अब शाम के समय भी नियमित रूप से वार्डों में संचालित होंगी।
- लक्ष्य: स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करना।
- बजट: सौंदर्यीकरण हेतु ₹4 लाख प्रति वार्ड स्वीकृत।
- नया कानून: अप्रैल 2026 से लागू होंगे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियम।
- मुख्य फोकस: स्कूलों में स्वच्छता गतिविधियाँ और वार्ड स्तरीय ‘स्वच्छता चैम्पियन’।
निगम का मैदानी अमला अब वार्डों में जाकर नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण करेगा। आने वाले दिनों में रायपुर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और स्कूलों में स्वच्छता को लेकर बड़े जागरूकता कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।


