Byline: विशेष संवाददाता, द रूरल प्रेस Location: गरियाबंद
गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दुतकैया (खपरी) में हुई हिंसा और आगजनी की घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने मामले की गहराई से जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
दो समुदायों के बीच उपजे तनाव और आगजनी की इस घटना ने क्षेत्र की शांति व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। मजिस्ट्रियल जांच के माध्यम से न केवल दोषियों की पहचान होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं को रोकने के लिए ठोस प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जा सकेगा।
SDM राजिम को मिली जिम्मेदारी
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM) राजिम, विशाल महाराणा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे घटना के मूल कारणों और इसमें शामिल उपद्रवियों की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करें।
क्या था मामला?
पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के प्रतिवेदन के अनुसार, 1 फरवरी 2026 को ग्राम दुतकैया में दो समुदायों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घरों में आगजनी और तोड़फोड़ कर दी। इस घटना से गांव में भारी तनाव व्याप्त हो गया था, जिसे पुलिस बल की मदद से नियंत्रित किया गया।
जांच के मुख्य बिंदु
जांच अधिकारी को निम्नलिखित बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है:
- हिंसा और आगजनी किन परिस्थितियों में शुरू हुई?
- घटना के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार व्यक्ति कौन हैं?
- गांव में जनहानि और निजी संपत्ति को कितना नुकसान पहुंचा है?
- भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएं?
- घटना स्थल: ग्राम दुतकैया (खपरी), राजिम, गरियाबंद।
- घटना की तिथि: 1 फरवरी 2026।
- जांच अधिकारी: विशाल महाराणा (SDM, राजिम)।
- जांच का स्वरूप: मजिस्ट्रियल जांच (प्रशासनिक एवं न्यायिक पहलुओं पर)।
जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन दोषियों पर कड़ी दण्डात्मक कार्रवाई करने की तैयारी में है। साथ ही, पीड़ित परिवारों को हुए संपत्ति के नुकसान का आकलन कर मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।


