‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के भीतर मची रार अब खुलकर और बयानों में सामने आने लगी है। सोमवार (8 जून) को दिल्ली में आयोजित विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक में दो बड़े दलों- तमिलनाडु की डीएमके (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) शामिल नहीं हुई। इस अनुपस्थिति पर कांग्रेस ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए दोनों ही पार्टियों पर तीखे तीर दागे हैं।

कांग्रेस नेता ने साधा निशाना

दरअसल, बैठक का बहिष्कार करने को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उदित राज ने आम आदमी पार्टी और डीएमके पर गंभीर निशाना साधा है। ‘आप’ (AAP) पर हमला बोलते हुए उदित राज ने एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा: “जहां तक आम आदमी पार्टी की बात है, वह इस समय अपने आंतरिक विरोधाभासों और अंदरूनी कलह से बुरी तरह जूझ रही है। पंजाब से आ रही सियासी रिपोर्टों को उठाकर देख लीजिए। देर-सवेर, अगर आम आदमी पार्टी इसी तरह काफी कमजोर हो जाती है, तो यह पूरी संभावना है कि यह भाजपा (BJP) में विलीन (विलय) हो जाएगी।”

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DMK का तटस्थ रहना मतलब सीधे तौर पर BJP की मदद करना

तमिलनाडु की द्रमुक (DMK) को नसीहत देते हुए उदित राज ने कहा कि इस फैसले से कांग्रेस का नहीं बल्कि खुद डीएमके का नुकसान होगा। उदित राज ने कहा, “बैठक में न आने से वे खुद कमजोर होंगे और हम DMK को कमजोर नहीं देखना चाहते। अगर वे इंडिया अलायंस का हिस्सा नहीं बनते हैं तो सिर्फ दो ही स्थितियां बन सकती हैं- या तो वे न्यूट्रल (तटस्थ) रहें या भाजपा का समर्थन करें।”

उन्होंने आगे कहा कि तटस्थ रहना भी एक तरह से परोक्ष रूप से भाजपा का समर्थन करने के बराबर ही है, क्योंकि इससे विपक्ष कमजोर होगा। जबकि वैचारिक रूप से देखा जाए तो डीएमके और बीजेपी के सिद्धांतों के बीच दूर-दूर तक कोई समानता नहीं है। कांग्रेस नेता ने याद दिलाया कि अगर वे देश में संविधान और आरक्षण को बचाना चाहते हैं तो उन्हें गठबंधन में रहना ही होगा। तमिलनाडु में डीएमके की स्थापना ही सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर हुई थी और आरक्षण उसी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।