Mahashivratri 2026: हिंदू धर्म के सबसे बड़े पर्वों में से एक महाशिवरात्रि इस साल 15 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इसी पावन तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था, जिसके उपलक्ष्य में भक्त व्रत रखकर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
छत्तीसगढ़ के राजिम, भोरमदेव और सिरपुर जैसे ऐतिहासिक शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि पर लाखों की भीड़ जुटती है। राज्य में इस दिन का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, जहाँ कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर और विवाहित महिलाएं सुखद दांपत्य जीवन के लिए श्रद्धापूर्वक उपवास रखती हैं।
महाशिवरात्रि व्रत: क्या खाएं
व्रत के दौरान शरीर में ऊर्जा बनाए रखना जरूरी है। भक्त अपनी परंपरा के अनुसार निर्जल या फलाहार उपवास रख सकते हैं। आहार में इन चीजों को शामिल करना शुभ और सेहतमंद माना जाता है।
- फल और मेवे: केला, सेब, अनार, पपीता के साथ काजू, बादाम और किशमिश का सेवन करें।
- डेयरी उत्पाद: दूध, दही, छाछ और मखाने की खीर ऊर्जा का अच्छा स्रोत हैं।
- फलाहारी अनाज: साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी और सेंधा नमक का ही प्रयोग करें।
- तरल पदार्थ: नारियल पानी और शहद का सेवन शरीर को हाइड्रेटेड रखता है।
सावधान! व्रत में इन चीजों से बनाएं दूरी
शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि के व्रत में तामसिक भोजन पूरी तरह वर्जित है। भूलकर भी इन चीजों का सेवन न करें:
- अन्न और नमक: चावल, गेहूं, दालें और सामान्य नमक का प्रयोग न करें।
- वर्जित सब्जियां: प्याज और लहसुन का सेवन सख्त मना है।
- व्यसन: मांस, मछली, अंडा और किसी भी प्रकार के नशे या शराब से दूर रहें।
- मसाले: अधिक मिर्च-मसालेदार और तामसिक भोजन का त्याग करें।


