नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच शनिवार (7 फरवरी) को हुए अंतरिम व्यापार समझौते के बाद केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कि भारत ने अमेरिका से आयात होने वाली कैंसर, हृदय रोग और न्यूरो ट्रीटमेंट से जुड़ी चुनिंदा दवाओं और मेडिकल उत्पादों पर 0 फीसदी (Zero Tariff) शुल्क लगाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव
मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, सरकार ने उन मेडिकल उपकरणों को भी छूट के दायरे में रखा है जिनका घरेलू उत्पादन अभी सीमित है।
सस्ता इलाज: कैंसर और न्यूरो ट्रीटमेंट की दवाएं अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के भारत आएंगी।
तकनीकी लाभ: आधुनिक मेडिकल डिवाइसेज तक मरीजों की पहुंच आसान और सस्ती होगी।
बादाम, पिस्ता और शराब पर भी मिलेगी राहत
डील का दायरा केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। भारत सरकार अमेरिका से आने वाले ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिकल्स पर भी शुल्क कम करने जा रही है। इसके अलावा:
ड्राय फ्रूट्स: पिस्ता और बादाम जैसे उत्पादों पर चरणबद्ध तरीके से टैरिफ खत्म होगा।
अन्य सेक्टर: कॉस्मेटिक्स, शराब और मेडिकल डिवाइसेज में पहले ही ड्यूटी कंसेशन दिए जा चुके हैं।
पशुपालन: खास मात्रा में ‘डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स’ के आयात को मंजूरी मिलेगी, जिससे पशु चारे की गुणवत्ता सुधरेगी।
500 अरब डॉलर की महा-खरीद
इस समझौते के तहत भारत अगले 5 वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर के उत्पादों की खरीद करेगा। इसमें एनर्जी प्रोडक्ट्स, विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जीरो टैरिफ का फैसला स्थानीय उद्योगों के हितों की रक्षा करते हुए लिया गया है।



