रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक सांस्कृतिक उत्सव बस्तर पंडुम 2026 का विधिवत शुभारंभ किया। बस्तर की समृद्ध आदिवासी विरासत को समर्पित इस आयोजन के माध्यम से राष्ट्रपति यहां की परंपराओं, लोककलाओं और रीति-रिवाजों को करीब से महसूस करेंगी।
बस्तर के आदिवासियों के लिए ‘पंडुम’ (त्योहार) केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उनके जीवन का आधार है। देश की प्रथम नागरिक की उपस्थिति ने इस स्थानीय उत्सव को वैश्विक पहचान दिला दी है। इससे बस्तर के पर्यटन और स्थानीय कलाकारों को बड़ा मंच मिलेगा, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आयोजन के लिए बस्तर के हृदय स्थल में एक विशाल और भव्य मंच तैयार किया गया है। पूरे परिसर को आदिवासी कला, पारंपरिक प्रतीकों और प्राकृतिक रंगों से इस तरह संवारा गया है कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान जीवंत हो उठी है। इस उत्सव के दौरान विभिन्न जनजातियों द्वारा पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, और दुर्लभ वाद्ययंत्रों की गूंज सुनाई देगी।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासनिक अमला और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा के लिहाज से जगदलपुर और आसपास के क्षेत्रों में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आम जनता की सुविधा के लिए पुलिस ने ट्रैफिक एडवायजरी जारी की है, ताकि आवाजाही में कोई व्यवधान न हो।
बस्तर में चल रहे इस उत्सव के बीच, आज शाम केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का भी छत्तीसगढ़ आगमन हो रहा है। वे राजधानी रायपुर पहुंचेंगे, जहां सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर उच्च स्तरीय बैठकें होने की संभावना है। केंद्रीय गृहमंत्री 7 फरवरी की शाम 4:40 को रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। रायपुर एयरपोर्ट से निजी होटल के लिए रवाना होंगे। 8 फरवरी को सुबह 11:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक नक्सलवाद पर हाई लेवल मीटिंग लेंगे। शाम 5 बजे से 06:10 मिनट तक शिफ्टिंग द लेंस थीम पर आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होंगे। निजी होटल में ही रात्रि विश्राम करेंगे।
दौरे के तीसरे और आखिरी दिन शाह बस्तर पंडूम के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। सुबह 11 बजे विशेष विमान से रायपुर से दंतेश्वरी एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। दंतेश्वरी एयरपोर्ट से बाय रोड बस्तर पंडुम कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। यहां वे दोपहर 12:05 से शाम 04:00 बजे तक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे शाम 4:20 को जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।


