टीआरपी। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मकारों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उपमुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के निर्देश पर अब प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के पात्र सफाई कर्मियों का पंजीयन श्रम विभाग में कराया जाएगा। इसके माध्यम से उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।
सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन ईएसआईसी (ESIC) और ईपीएफ (EPF) की पात्रता न होने के कारण कई कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस नई पहल से अब उन असंगठित सफाई कर्मियों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता का सीधा लाभ मिलेगा, जो अब तक सरकारी सुरक्षा चक्र से बाहर थे।
“श्रमेव जयते” ऐप से होगा ऑनलाइन पंजीयन
नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगर निगमों, पालिकाओं और पंचायतों को परिपत्र जारी कर दिया है। पंजीयन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए श्रम विभाग की वेबसाइट http://shramevjayate.cg.gov.in और मोबाइल ऐप “श्रमेव जयते” का उपयोग किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि “सफाई कर्मियों का सम्मान और सुरक्षा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
इन 9 प्रमुख योजनाओं का मिलेगा लाभ
पंजीकृत सफाई कर्मकारों और उनके परिवारों को निम्नलिखित योजनाओं के तहत सहायता दी जाएगी:
- महतारी जतन योजना: महिला सफाई कर्मियों के लिए प्रसूति सहायता।
- मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता: आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक संबल।
- उपकरण सहायता योजना: कार्य के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण।
- गंभीर बीमारी चिकित्सा सहायता: इलाज के लिए वित्तीय मदद।
- शिक्षा योजनाएं: बच्चों के लिए छात्रवृत्ति और विशेष कोचिंग सुविधा।
- साइकिल सहायता: आवागमन के लिए पुत्र-पुत्रियों को साइकिल।
- कौशल उन्नयन: दक्षता बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण।
- अन्न योजना: शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का लाभ।
“स्वच्छता की रीढ़ का सम्मान” – उपमुख्यमंत्री अरुण साव
उपमुख्यमंत्री साव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि कोई भी पात्र कर्मी न छूटे। वर्तमान में मंडल में 59 हजार से अधिक सफाई कर्मकार पहले से पंजीकृत हैं, लेकिन अब इस दायरे को बढ़ाकर शत-प्रतिशत सफाई मित्रों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है।
- पात्रता: ऐसे सफाई कर्मकार जो ESIC और EPF के दायरे में नहीं आते।
- पंजीयन माध्यम: ‘श्रमेव जयते’ मोबाइल ऐप और विभागीय पोर्टल।
- योजनाओं की संख्या: कुल 9 विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं।
- विभाग: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा श्रम विभाग का संयुक्त प्रयास।
आने वाले सप्ताह में सभी नगरीय निकायों में विशेष कैंप लगाए जा सकते हैं, जहाँ मौके पर ही सफाई कर्मियों के मोबाइल में ऐप डाउनलोड करवाकर उनका पंजीयन सुनिश्चित किया जाएगा।


