टीआरपी डेस्क: मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर के नगर निगम में बजट सत्र के दौरान उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब वंदे मातरम के गान को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के पार्षद आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सदन में तीखी बयानबाजी और निजी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया, जिससे सदन की गरिमा तार-तार हो गई।

विवाद की जड़: वंदे मातरम’ का कथित अपमान

दरअसल, बजट सम्मेलन की शुरुआत के दौरान बीजेपी पार्षदों ने कांग्रेस की दो मुस्लिम पार्षदों, रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम पर ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। बीजेपी का कहना था कि राष्ट्रगीत के दौरान पार्षदों का व्यवहार उचित नहीं था। इस आरोप के बाद सदन का माहौल बिजली की तरह गरमा गया।

इस बयान ने लगाई आग

बहस के दौरान माहौल तब और बिगड़ गया जब कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने गुस्से में अपना आपा खो दिया। उन्होंने बीजेपी पार्षदों को चुनौती देते हुए कहा तुम्हारे बाप में दम हो तो कहलवाकर बता दो। इस टिप्पणी के बाद बीजेपी पार्षद भड़क उठे। पूरे सदन में वंदे मातरम के नारे गूंजने लगे। बीजेपी ने इसे कांग्रेस की ‘राष्ट्रविरोधी’ मानसिकता करार दिया।

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सभापति का बड़ा एक्शन, पार्षद सस्पेंड

सदन में बढ़ती अनुशासनहीनता और शोर-शराबे को देखते हुए सभापति को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थिति को बेकाबू होता देख सभापति ने सख्त कदम उठाते हुए, कांग्रेस की पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान पार्षद फौजिया शेख को एक दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया। इस कार्रवाई के बाद भी काफी देर तक नारेबाजी और तनातनी चलती रही।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

गौरतलब है कि इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बीजेपी ने इस मौके को भुनाते हुए कांग्रेस की देशभक्ति पर सवालिया निशान लगा दिया है। वहीं, कांग्रेस इस कार्रवाई को एकतरफा बता रही है। इंदौर नगर निगम के इतिहास में बजट सत्र के दौरान इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियों को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण माना जा रहा है।