टीआरपी। राजिम के नवीन मेला मैदान में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत एक साथ 283 जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे विधि-विधान से संपन्न हुआ। इस भव्य समारोह के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे, जिन्होंने नवदंपतियों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।
यह आयोजन न केवल जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक बोझ से मुक्त कर रहा है, बल्कि सामाजिक समरसता की मिसाल भी पेश कर रहा है। एक साथ इतने बड़े पैमाने पर विवाह होने से यह आयोजन विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज होने की ओर अग्रसर है।
4 आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों ने चुनी ‘विकास की राह’
इस समारोह की सबसे सुखद और प्रेरणादायक तस्वीर तब दिखी जब कांकेर, सुकमा और बीजापुर जिले के 4 आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों ने मुख्यधारा में लौटकर विवाह किया। दिलीप, मंजुला, दीपक, सुनीता और अन्य ने राज्य सरकार की पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें इस योजना के माध्यम से एक नई और सम्मानजनक जिंदगी मिली है।
आर्थिक सहारा: सीधे खाते में 35 हजार रुपये
मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस योजना के तहत प्रति जोड़े 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे वधु के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, जबकि शेष 15 हजार रुपये श्रृंगार सामग्री और आयोजन व्यवस्था पर व्यय किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों की शादी अब माता-पिता के लिए चिंता नहीं, बल्कि गर्व का अवसर है।
विधानसभा वार जोड़ों का विवरण
समारोह में गरियाबंद और धमतरी जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़े शामिल हुए:
- राजिम विधानसभा: 94 जोड़े
- बिन्द्रनवागढ़ विधानसभा: 181 जोड़े
- कुरूद विधानसभा: 08 जोड़े
प्रशासनिक अमला और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजिम विधायक रोहित साहू ने की। इस अवसर पर कलेक्टर बीएस उइके, एसपी वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से यह आयोजन निर्विघ्न संपन्न हुआ।
- कुल जोड़े: 283 (जिसमें 4 नक्सली जोड़े शामिल)।
- कुल सहायता: 50,000 रुपये प्रति जोड़ा।
- विशेष उपलब्धि: आयोजन को विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी।
- मुख्य अतिथि: राजेश अग्रवाल (पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री)।
जिला प्रशासन अब इन नवदंपतियों के विवाह प्रमाण पत्र और सहायता राशि के हस्तांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करेगा। आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों के लिए सरकार की विशेष पुनर्वास योजनाओं के तहत आवास और रोजगार की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा।



