रायगढ़। कोसा कपड़ा व्यवसयी मनोज देवांगन ने व्यापार में उधार में दिये कपड़ो के पैसे वापस नहीं मिलने पर एक ट्राली में मां काली का दरबार सजाया और उसमें देनदारों की फोटो भी लगाई। मनोज का कहना है कि उसे इन कारोबारियों से डेढ़ करोड़ रुपए वापस लेने हैं।

रायगढ़ शहर में मां काली के दरबार से सजी इस ट्राली में कुछ लोगों की तस्वीर लगी हुई है। युवा व्यापारी मनोज देवांगन ने इस ट्राली के साथ प्रदर्शन करते लेट कर सड़क नापते हुए बूढ़ी मांई मंदिर पंहुच कर पूजा अर्चना की। मनोज देवांगन का यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा हैं और शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

अपनों ने ही किया परेशान

मनोज देवांगन ने बताया कि उसने कोसा कपड़े का थोक व्यवसाय शुरू किया और इस दौरान काफी संख्या में व्यापारियों को उधार पर भी कपड़ा दिया। सभी ने तो पैसे लौटा दिए मगर कुछ अपने स्वजातीय व्यापारियों ने रकम वापस करने में काफी आनाकानी की। उनका कहना है कि जब हमारी मर्जी होगी, तब पैसे लौटाएंगे। उनके ऊपर बकाया लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की वसूली वह नहीं कर पा रहा है। मनोज ने बताया कि ये सभी व्यापारी आपस में मिले हुए हैं और योजनाबद्ध तरीके से उसे रकम वापस नहीं कर रहे हैं।

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मां काली का सहारा

मनोज देवांगन बताते हैं कि किसी ने उसे सलाह दी कि वह मां काली की पूजा अर्चना करे तब उसका कुछ भला हो सकता है। इसलिए उसने एक ट्राली में मां काली का दरबार सजा लिया है, साथ ही उन व्यापारियों की तस्वीरें भी उसने ट्राली में चारों ओर चस्पा कर रखी है। उसने इन व्यापारियों के उ नाम सहित उधार की रकम का भी पोस्टर प्रदर्शित किया है। इसके अलावा वह इन व्यापारियों की तस्वीरों वाली पर्ची भी अन्य कारोबारियों को बांट रहा है, ताकि वे इनके झांसे में न आएं।

पिता की बीमारी में भी दिल नहीं पसीजा

मनोज देवांगन ने बताया कि इस बीच उनके पिताजी की तबियत काफी खराब हो गई थी और उसके पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे, तब भी उसने संबंधित व्यापारियों से उधार की रकम मांगी, मगर सहानुभूति जताने की बजाय उसे जवाब मिला कि तेरे पिताजी मर जाएं, उन्हें फर्क नहीं पड़ता, वे पैसे नहीं लौटाएंगे, चाहे जहां शिकायत करनी हो कर दो।अपनी ही रकम वापस पाने के लिए भटक रहे मनोज देवांगन ने अब इसके लिए अनोखा तरीका अपनाया है, जिसकी रायगढ़ शहर में जमकर चर्चा हो रही है और उनका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। देखना है कि क्या इस उपक्रम के बाद भी संबंधित व्यापारी उसकी रकम वापस लौटाते हैं, या फिर उसे कोई और नया तरीका अपनाने की जुगत लगानी पड़ेगी।

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