टीआरपी। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में रायपुर शहर को देश के शीर्ष पायदान पर लाने के लिए नगर पालिक निगम ने कमर कस ली है। महापौर मीनल चौबे और निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन 7 के वार्ड क्रमांक 24 (सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड) में सघन स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को कचरा पृथक्करण का संकल्प दिलाया गया।
रायपुर को नेशनल रैंकिंग में सुधारने के लिए घरेलू स्तर पर गीला और सूखा कचरा अलग करना अनिवार्य है। इस अभियान से न केवल शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधरेगी, बल्कि बीमारियों के प्रसार में कमी आएगी और कचरा प्रबंधन (Waste Management) अधिक प्रभावी होगा।
घर-घर दस्तक और कचरा पृथक्करण की समझाइश
नगर निगम जोन 7 की टीम ने वार्ड पार्षद दीप मनीराम साहू और जोन अध्यक्ष श्वेता विश्वकर्मा के नेतृत्व में रहवासियों को जागरूक किया। सफाई कंपनी रामकी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर टीम ने घरों में जाकर समझाया कि सेनेटरी कचरा और घरेलू खतरनाक कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखना क्यों जरूरी है।
अभियान के दौरान नागरिकों को स्वच्छता जागरूकता पम्पलेट बांटे गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि डोर-टु-डोर कचरा कलेक्शन वाहन समय पर नहीं आता है, तो नागरिक सीधे टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं ताकि व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जा सके।
सामूहिक स्वच्छता संकल्प
जोन स्वास्थ्य अधिकारी आत्मानंद साहू की उपस्थिति में वार्डवासियों को सामूहिक रूप से रायपुर को स्वच्छ बनाने का संकल्प दिलाया गया। निगम प्रशासन का लक्ष्य है कि हर नागरिक सफाई मित्र को कचरा देते समय उसे पहले से ही अलग-अलग (गीला-सूखा) करके रखे, जिससे प्रोसेसिंग प्लांट में कचरे का निपटान आसान हो सके।
- अभियान क्षेत्र: सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड (वार्ड क्रमांक 24), जोन 7 रायपुर।
- प्रमुख निर्देश: गीला, सूखा, सेनेटरी और खतरनाक कचरा अलग-अलग करना।
- लक्ष्य: स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में रायपुर को श्रेष्ठ रैंकिंग दिलाना।
- शिकायत निवारण: टोल-फ्री नंबर के माध्यम से त्वरित समाधान की सुविधा।
नगर निगम रायपुर आने वाले दिनों में सभी 70 वार्डों में इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। फीडबैक और कचरा पृथक्करण के मानकों के आधार पर वार्डों की आंतरिक रैंकिंग भी की जा सकती है ताकि प्रतिस्पर्धा के जरिए स्वच्छता को बढ़ावा मिले।



