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High Court grants major relief to women excluded from police recruitment

बिलासपुर। भारतीय सेना की चकरभाठा-तेलसरा इलाके में एयरपोर्ट के पास स्थित जमीन से अवैध गिट्टी खनन के मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई की। अदालत ने खनिज विभाग को कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं और पूरे मामले को अपनी निगरानी में रख लिया है।

हाई कोर्ट ने लिया है स्वतः संज्ञान

सेना की जमीन से निर्माण कार्य के लिए गिट्टी निकाले जाने की जानकारी सामने आने के बाद दिसंबर 2024 में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी। बताया गया कि निकाली गई गिट्टी आसपास की कॉलोनियों और सड़कों में इस्तेमाल की गई।

दो कंपनियों ने बड़ी मात्रा में की खुदाई

इस सुनवाई के दौरान खुलासा हुआ कि दो कंपनियों के जरिए बड़ी मात्रा में गिट्टी निकाली गई और उसे 54 बिल्डरों व ठेकेदारों को बेच दिया गया, जिनसे कॉलोनियों और सड़कों का निर्माण कराया गया।

पिछली सुनवाई में राज्य सरकार ने 25 दिसंबर 2024 को बिलासपुर खनिज अधिकारी द्वारा बिल्डर पवन अग्रवाल को भेजे गए पत्र की प्रति अदालत में पेश की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने फॉर्च्यून एलिमेंट कॉलोनी को उसके मालिक पवन अग्रवाल के माध्यम से पक्षकार बनाने के निर्देश दिए।

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खदान संचालक के साथ ही बिल्डर्स पर भी कार्रवाई

सरकार की ओर से बताया गया कि पवन अग्रवाल को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। सुनवाई में यह भी सामने आया कि करीब 54 बिल्डरों और ठेकेदारों ने इस गिट्टी को खरीदा और उपयोग किया। खनिज कानूनों के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।

केंद्र सरकार की ओर से पेश उप महाधिवक्ता रामाकांत मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि सेना भूमि पर अवैध खनन रोकने के लिए बिलासपुर कलेक्टर को पहले ही शिकायत भेजी जा चुकी है। खनिज विभाग ने अब तक की जांच और कार्रवाई की जानकारी भी अदालत को दी। हाईकोर्ट ने मामले को निगरानी में रखते हुए अगली सुनवाई 20 अप्रैल तय की है।