टीआरपी डेस्क। भारत की राजधानी नई दिल्ली कल यानी 16 फरवरी 2026 से वैश्विक टेक्नोलॉजी का केंद्र बनने जा रही है। दुनियाभर की नजरें दिल्ली पर टिकी हैं, जहाँ ‘AI Impact Summit’ का भव्य आगाज होने जा रहा है। इस महाकुंभ में शामिल होने के लिए करीब 2 लाख लोग जुट रहे हैं, जिनमें 18 देशों के शीर्ष नेता और सिलिकॉन वैली के सबसे बड़े नाम शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह शिखर सम्मेलन तीन महत्वपूर्ण सूत्रों— ‘People, Planet and Progress’ (लोग, पृथ्वी और प्रगति) पर आधारित है, जो भविष्य की तकनीक को लेकर भारत के समावेशी नजरिये को दुनिया के सामने रखेगा।
दिल्ली में दिग्गजों की मौजूदगी: पूरी लिस्ट
इन 7 देशों के राष्ट्रपति होंगे शामिल
भारत के निमंत्रण पर एस्टोनिया से लेकर ब्राजील तक के राष्ट्रपति दिल्ली पहुंच रहे हैं..
लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा (ब्राजील)
इमैनुएल मैक्रों (फ्रांस)
आलार कारिस (एस्टोनिया)
पीटर पेलेग्रिनी (स्लोवाकिया)
अनुर कुमार दिसानायके (श्रीलंका)
अलेक्जेंडर वुचिच (सर्बिया)
गाइ परमेलन (स्विट्जरलैंड)
इसके साथ ही, उपराष्ट्रपति स्तर पर गुयाना के भरत जगदेव और सेशेल्स के सेबेस्टियन पिलाय भी इस समिट का हिस्सा बनेंगे।
9 देशों के प्रधानमंत्री दर्ज कराएंगे उपस्थिति
समिट में वैश्विक नीतियों पर चर्चा के लिए 9 देशों के प्रधानमंत्री शामिल हो रहे हैं, जिनमें भूटान के शेरिंग टोबगे, स्पेन के पेड्रो सांचेज़ और नीदरलैंड के डिक स्कूफ प्रमुख हैं। इनके अलावा आर्मेनिया, क्रोएशिया, फिनलैंड, ग्रीस, कजाकिस्तान और मॉरीशस के प्रधानमंत्री भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे।
टेक वर्ल्ड के ‘पावरहाउस’ भी दिल्ली में
समिट की सबसे बड़ी चर्चा AI कंपनियों के उन प्रमुखों को लेकर है जो मानव इतिहास की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं।
सुंदर पिचाई: CEO, अल्फाबेट (गूगल)
सैम ऑल्टमैन: CEO, OpenAI (ChatGPT के निर्माता)
डेमिस हसाबिस: CEO, गूगल डीपमाइंड
डारियो अमोदेई: CEO, एंथ्रोपिक
क्यों खास है यह ‘AI Impact Summit’?
यह सम्मेलन केवल भाषणों तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य AI के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक ग्लोबल फ्रेमवर्क तैयार करना है। भारत चाहता है कि एआई का विकास ‘People, Planet and Progress’ के सिद्धांतों पर हो, ताकि तकनीक का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पर्यावरण को भी नुकसान न हो।


