टीआरपी। रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने VIP रोड स्थित राजा राम नाले और उससे लगी 1 एकड़ शासकीय भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जे की शिकायत को लेकर रायपुर कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन पर ‘खानापूर्ति’ का आरोप लगाते हुए सीमांकन रिपोर्ट को तत्काल सार्वजनिक करने की मांग की है।
राजधानी के प्राइम लोकेशन (VIP रोड) पर करोड़ों की सरकारी जमीन और जल निकासी के मुख्य स्रोत (नाले) पर कब्जा शहर के ड्रेनेज सिस्टम और सरकारी संपत्ति के लिए बड़ा खतरा है। यदि सीमांकन रिपोर्ट सार्वजनिक होती है, तो बड़े भू-माफियाओं के नामों का खुलासा हो सकता है, जिससे शहर में अवैध कब्जों पर लगाम लगेगी।
कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का आरोप नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने बताया कि उन्होंने 30 दिसंबर 2025 को अमलीडीह के पास स्थित इस जमीन और नाले पर कब्जे की शिकायत निगम आयुक्त से की थी। आयुक्त के निर्देश पर एसडीएम को सीमांकन के लिए पत्र लिखा गया था, लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। तिवारी ने मौके का निरीक्षण करने के बाद दावा किया कि प्रशासन ने केवल एक छोटी दीवार ढहाकर औपचारिकता पूरी की है, जबकि नाले की स्थिति और अवैध कब्जा जस का तस बना हुआ है।
उन्होंने जिला प्रशासन और निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर किस ‘बड़े खिलाड़ी’ और ‘भू-माफिया’ को बचाने के लिए रिपोर्ट को छिपाया जा रहा है? उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर FIR दर्ज नहीं हुई और जमीन को मुक्त नहीं कराया गया, तो वे सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ेंगे।
मुख्य तथ्य और आंकड़े
- विवादित भूमि: VIP रोड और अमलीडीह के पास स्थित लगभग 1 एकड़ बेशकीमती शासकीय भूमि और नाला।
- समय सीमा: शिकायत के 45 दिन (डेढ़ माह) बाद भी सीमांकन रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं।
- आरोप: करोड़ों की सरकारी जमीन की बंदरबांट में प्रशासन की ‘चुप्पी’ और मिलीभगत का संदेह।
कलेक्टर को पत्र सौंपने के बाद अब गेंद जिला प्रशासन के पाले में है। यदि अगले कुछ दिनों में रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तो विपक्षी पार्षदों द्वारा निगम मुख्यालय या कलेक्ट्रेट के घेराव की रणनीति बनाई जा सकती है।


