टीआरपी। विश्व प्रसिद्ध और एशिया के नियाग्रा के नाम से विख्यात चित्रकोट जलप्रपात के तट पर आगामी 18 फरवरी से दो दिवसीय चित्रकोट महोत्सव-2026 का भव्य आगाज होने जा रहा है। राज्य शासन और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन बुधवार शाम 4 बजे जलप्रपात ग्राउंड में किया जाएगा।
यह महोत्सव बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का सबसे बड़ा मंच है। इससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बस्तर के लोक कलाकारों और होम-स्टे संचालकों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में होगा शुभारंभ
महोत्सव के मुख्य अतिथि प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप करेंगे। अति विशिष्ट अतिथियों में जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव और चित्रकोट विधायक विनायक गोयल शामिल रहेंगे। इनके साथ ही जिले के अन्य सभी प्रमुख जनप्रतिनिधि और नगर निगम के पदाधिकारी भी इस गरिमामयी समारोह की शोभा बढ़ाएंगे।
संस्कृति, कला और खेल का अनोखा संगम
दो दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में बस्तर की लोक संस्कृति को जीवंत रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्य आकर्षणों में स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, स्कूली बच्चों के कार्यक्रम और कबड्डी व वॉलीबॉल जैसी रोमांचक खेल प्रतियोगिताएं शामिल हैं। पर्यटकों के लिए यह बस्तर के पारंपरिक नृत्य-गीत और व्यंजनों का स्वाद चखने का सुनहरा अवसर होगा।
मुख्य आकर्षण और व्यवस्थाएं
चित्रकोट जलप्रपात के मनमोहक परिवेश में आयोजित इस उत्सव को लेकर प्रशासन ने पुख्ता तैयारियां की हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए हस्तशिल्प प्रदर्शनी और बस्तर की कलाकृतियों के स्टॉल्स भी लगाए जाएंगे। आयोजन समिति ने प्रदेश भर के नागरिकों को इस सांस्कृतिक महाकुंभ में शामिल होने का न्योता दिया है।
महोत्सव की अवधि 18 और 19 फरवरी 2026 (दो दिवसीय)।
उद्घाटन का समय शाम 4:00 बजे,
स्थान चित्रकोट जलप्रपात ग्राउंड।
इस महोत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य बस्तर को ‘ग्लोबल टूरिज्म हब’ के रूप में स्थापित करना है, जिससे आने वाले समय में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी भारी इजाफा होने की उम्मीद है।



