रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है। जहां आम तौर पर सरकारें अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में चुनावी मोड में आती हैं, वहीं विष्णुदेव साय सरकार और भाजपा संगठन ने अभी से मिशन 2028 का शंखनाद कर दिया है। सोमवार को हुई संयुक्त मोर्चा की बैठक महज एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि अगले 1000 दिनों की उस रणनीति का हिस्सा है जिसे प्लान-28 कहा जा रहा है।

अगर हम आज (फरवरी 2026) से देखें, तो छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव नवंबर-दिसंबर 2028 में होना है। आज से लेकर चुनाव की तारीख तक लगभग 1000 दिन का ही समय बचता है। इसी के साथ ही बीजेपी की इस सक्रियता का सीधा असर प्रशासनिक कामकाज पर भी दिखेगा।

क्या है 1000 दिनों का प्लान-28

बीजेपी के आंतरिक सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने अगले चुनाव तक के लिए एक कैलेंडर तैयार किया है। इसके तहत बूथ सशक्तिकरण के तहत हर बूथ पर युवा और महिला कमांडो की टीम तैयार करना। इसी के साथ ही सरकार की 3100 रुपये धान खरीदी और महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों (हितग्राहियों) का एक डिजिटल डेटाबेस बनाकर उनसे निरंतर संवाद। साथ ही नए पदाधिकारियों को विचारधारा के साथ-साथ सरकारी आंकड़ों की जानकारी देकर प्रशिक्षित करना ताकि कार्यकर्ता विपक्ष के सवालों का जवाब दे सकें।

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इधर, बीजेपी की तैयारियों पर विपक्ष ने भी तंज कसा है। कांग्रेस ने इसे जनता का ध्यान भटकाने की रणनीति बताया है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि सरकार बेरोजगारी और कानून व्यवस्था जैसे मोर्चों पर विफल रही है। हाल ही में कांग्रेस ने भी ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ पदयात्रा के जरिए पलटवार की कोशिश की है, जिससे साफ है कि 2028 की जंग अभी से शुरू हो चुकी है।

विजन 2047 और बजट का कनेक्शन

वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा 24 फरवरी को पेश होने वाला बजट भी इसी मिशन 2028 की आधारशिला माना जा रहा है। सरकार इस बार ज्ञान और गति के बाद एक नई थीम पर बजट ला रही है, जिसका लक्ष्य छत्तीसगढ़ की GDP को 10 लाख करोड़ तक पहुंचाना है।