टीआरपी। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजी रेरा) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने बिलासपुर के बोदरी स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रमोटर पवन अग्रवाल पर भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के दोष में 10 लाख रुपये का भारी आर्थिक दंड लगाया है।टीआरपी।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के उन हजारों घर खरीदारों के हितों की रक्षा करती है जो विज्ञापनों के आधार पर अपनी गाढ़ी कमाई निवेश करते हैं। रेरा का यह सख्त रुख राज्य के अन्य प्रमोटरों के लिए एक कड़ा संदेश है कि पंजीकरण के विवरण और वास्तविक प्रचार में अंतर होने पर कठोर कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।
प्लॉट दिखाकर बेच रहे थे मकान: नियमों का उल्लंघन
प्राधिकरण की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ का पंजीकरण केवल एक प्लॉटेड परियोजना (जमीन के टुकड़े) के रूप में किया गया था। इसके बावजूद, प्रमोटर द्वारा विभिन्न माध्यमों में इसे एक हाउसिंग प्रोजेक्ट (बने हुए मकान) के रूप में प्रचारित किया जा रहा था। यह कृत्य रेरा अधिनियम की धारा 7 और 14 का सीधा उल्लंघन है, जो प्रमोटर को केवल स्वीकृत ले-आउट और पंजीकृत विवरण के अनुरूप ही प्रचार करने की अनुमति देता है।
प्राधिकरण ने इस उल्लंघन को गंभीर श्रेणी में रखते हुए न केवल जुर्माना लगाया है, बल्कि यह निर्देश भी दिया है कि संबंधित हाउसिंग क्षेत्र का अब विधिवत पंजीकरण कराया जाए।
प्रोजेक्ट का नाम: फॉर्च्यून एलिमेंट्स, बोदरी (बिलासपुर)।
प्रमोटर का नाम: पवन अग्रवाल।
जुर्माना राशि: 10 लाख रुपये।
उल्लंघन: प्लॉटेड प्रोजेक्ट को हाउसिंग प्रोजेक्ट बताकर विज्ञापन देना।
निगरानी: सीजीरेरा अब प्रिंट और डिजिटल मीडिया पर विज्ञापनों की सतत निगरानी कर रहा है।
सीजी रेरा ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार के भ्रामक विज्ञापन पाए जाने पर पंजीकरण निरस्त करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। अब राज्य के सभी प्रमोटरों को अपनी प्रचार सामग्री को रेरा के पंजीकृत विवरण से मिलान करना अनिवार्य होगा। खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निवेश से पहले रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रोजेक्ट का प्रकार जरूर चेक करें।



