टीआरपी डेस्क। गूगल ने एंड्रॉइड इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए प्ले स्टोर से 17.5 लाख (1.75 मिलियन) से ज्यादा फर्जी ऐप्स को हटा दिया है। यह कार्रवाई उन ऐप्स पर की गई है जो प्राइवेसी पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे थे और यूजर्स के डेटा के लिए खतरा बने हुए थे।
छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ा है, ऐसे में इन फर्जी ऐप्स के जरिए होने वाले फाइनेंशियल फ्रॉड और डेटा चोरी का खतरा स्थानीय नागरिकों पर सबसे अधिक रहता है। गूगल की इस बड़ी कार्रवाई से प्रदेश के लाखों स्मार्टफोन यूजर्स अब साइबर ठगों और मेलवेयर के हमलों से सुरक्षित रह सकेंगे।
क्या है पूरा मामला?
टेक दिग्गज गूगल ने 19 फरवरी 2026 को जारी अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में खुलासा किया कि ये प्रतिबंधित ऐप्स फाइनेंशियल फ्रॉड, हिडन सब्सक्रिप्शन और प्राइवेसी उल्लंघन जैसे गंभीर मामलों में शामिल थे। कंपनी ने न केवल ऐप्स को हटाया, बल्कि नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले 80,000 डेवलपर्स के अकाउंट भी पूरी तरह से बंद कर दिए हैं।
गूगल ने बताया कि AI पावर्ड रिव्यू सिस्टम और गूगल प्ले प्रोटेक्शन के जरिए इन ऐप्स को यूजर्स तक पहुंचने से पहले ही ट्रैक कर लिया गया था। कंपनी ने अपने एंटी-स्पैम सिस्टम को भी अपग्रेड किया है, जिससे 160 मिलियन (16 करोड़) फर्जी रेटिंग और रिव्यू को ब्लॉक किया गया है, जो यूजर्स को गुमराह करने के लिए डाले गए थे।


