टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा कदम उठाया है। मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन कर दिया गया। इस व्यापक अभियान के दौरान प्रदेश भर से लगभग 24 लाख 99 हजार (करीब 25 लाख) फर्जी, मृत और संदिग्ध मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।

मतदाता सूची का यह शुद्धिकरण छत्तीसगढ़ के आगामी स्थानीय और विधानसभा चुनावों के परिणामों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। नामों के हटने से ‘डुप्लिकेट वोटिंग’ और ‘फर्जी मतदान’ की गुंजाइश खत्म होगी। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में, जहाँ आबादी का पलायन अधिक होता है, वहां सूची अब पहले से कहीं अधिक पारदर्शी और सटीक हो गई है।

2.12 करोड़ से घटकर 1.87 करोड़ हुए वोटर

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने बताया कि शुद्धिकरण की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी हुई। एसआईआर से पहले कुल मतदाता संख्या 2,12,30,737 थी। फर्जी नाम हटने से यह संख्या घटकर 1,84,95,920 रह गई। दावों और आपत्तियों की सुनवाई के बाद 2,34,994 नए नाम जोड़े गए, जिससे अब कुल मतदाताओं की संख्या 1,87,30,914 हो गई है।

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पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव पर जोर

निर्वाचन विभाग का दावा है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार देना और सूची से अशुद्धियों को पूरी तरह समाप्त करना है। अधिकारियों के अनुसार, यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और फर्जी नामों पर रोक लगाने के लिए तकनीकी उपकरणों का भी सहारा लिया गया है।