टीआरपी डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर आतंकी हमले का साया मंडरा रहा है। खुफिया सूत्रों से मिले इनपुट के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) लाल किले के आसपास और चांदनी चौक के एक प्रमुख मंदिर को निशाना बनाने की फिराक में है। सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि आतंकी IED (Improvised Explosive Device) के जरिए धमाकों की साजिश रच रहे हैं।
दिल्ली में होने वाली किसी भी बड़ी घटना का असर पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था और छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों के ‘सिक्योरिटी प्रोटोकॉल’ पर पड़ता है। राजधानी में आतंकी खतरे को देखते हुए रायपुर और बिलासपुर जैसे प्रमुख शहरों के रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थलों पर भी चौकसी बढ़ाई जा सकती है। 10 नवंबर 2025 के पिछले हमले के जख्म अभी भरे नहीं थे कि नई धमकी ने सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया है।
इस्लामाबाद ब्लास्ट से जुड़ा है कनेक्शन
खुफिया इनपुट के मुताबिक, 6 फरवरी 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद (शहजाद टाउन) स्थित एक मस्जिद में हुए आत्मघाती धमाके के बाद लश्कर-ए-तैयबा भारत में जवाबी कार्रवाई या बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। सूत्रों का कहना है कि आतंकी भीड़भाड़ वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।
10 नवंबर के ब्लास्ट की यादें ताज़ा
राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां इसलिए भी अधिक सतर्क हैं क्योंकि 10 नवंबर 2025 को लाल किले की पार्किंग में एक कार ब्लास्ट हुआ था। उस हमले में कई लोगों की जान गई थी और भारी नुकसान हुआ था। उस समय की जांच में भी आतंकी तार जुड़े होने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद देशभर में छापेमारी की गई थी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इनपुट मिलते ही दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया है।
लाल किले और चांदनी चौक इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। पूरे इलाके की हर संदिग्ध गतिविधि पर तीसरी आंख से नजर रखी जा रही है। पार्किंग एरिया और सराफा बाजारों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।


